यूपी के रायबरेली जिले के छात्र नैतिक श्रीवास्तव ने एक विशेष चश्मे का इन्वेंशन किया है। दृष्टिहीनों के जीवन में इससे बड़ा बदलाव आएगा। ​ब्लाइंड्स अखबार पढ़ने के साथ मोबाइल भी चला सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी इस खोज को मान्यता मिली है।

रायबरेली। यूपी के रायबरेली जिले के छात्र नैतिक श्रीवास्तव ने एक विशेष चश्मे का इन्वेंशन किया है। दृष्टिहीनों के जीवन में इससे बड़ा बदलाव आएगा। ​ब्लाइंड्स अखबार पढ़ने के साथ मोबाइल भी चला सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी इस खोज को मान्यता मिली है। अब नैतिक इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत जापान में इसका प्रेजेंटशन देंगे। इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट ग्लासेस फॉर ब्लाइंड पीपल नाम दिया गया है। गांव के ही एक दृष्टिहीन रामसेवक की दिक्कतों ने उन्हें यह काम करने के लिए मोटिवेट किया। रामसेवक की परेशानियों को देखने के बाद उनके दिमाग में यह विचार आया।

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मौसम का पूर्वानुमान भी बताएगा चश्मा

नैतिक श्रीवास्तव रायबेरली के महराजगंज के हसनपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके बनाए गए चश्मे से दृष्टिबाधित पर्सन लोगों के चेहरे पहचान सकेंगे और उन्हें अपने डेली रूटीन के काम काज निपटान में भी आसानी होगी। चश्मे में लगा सेंसर दृष्टिहीनों की मदद करेगा। इस चश्मे की खासियत यह भी है कि यह मौसम का पूर्वानुमान भी बताएगा।

पिछले साल टॉप-60 में चयनित हुआ था प्रोजेक्ट

नैतिक श्रीवास्तव पिछले साल 14 से 16 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में शामिल हुए थे और अपने प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया था। तब उनके स्मार्ट ग्लासेस फॉर ब्लाइंड पीपल मॉडल का चयन टॉप-60 में हुआ था। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नैतिक को सम्मानित भी किया था। नैतिक सपोर्टिव विज़न आधारित चश्मे के प्रोजेक्ट पर कई वर्षों से काम कर रहे थे। इस मॉडल को पेटेंट कराने की भी तैयारी की जा रही है। दिसम्बर 2022 में उन्हें कंबोडिया भी जाने का मौका मिला था।