यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके मुताबिक राज्य भर में बड़े स्तर पर कमजोर और जर्जर हो चुके ब्रिज को तोड़ने का फरमान दिया गया है।

UP News: बिहार में बीते दिनों लगातार दर्जनों पुल गिरने का मामला सामने आया था। इसको लेकर सरकार विवादों में घिर गई थी। हादसे से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत सालों पुराने और जर्जर हो चुके पुलों को तोड़ने का आदेश दिया गया है। राज्यभर में 721 पुलों का गहन जांच किया गया था, जिसके बाद करीब 75 पुल को ध्वस्त किया जाएगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

रिपोर्ट के मुताबिक-"PWD के मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों ने सैकड़ों पुल की जांच की। इनमें वैसे ब्रिज को भी शामिल किया गया, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके तहत नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर पुलों पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी जाएगी।"

यूपी के इन जिलों के पुल का तोड़ा जाएगा

उत्तर प्रदेश मे जिन पुलों को तोड़ा जाएगा। उनके चिह्नित स्थान इस प्रकार है- लखनऊ (2), जालौन (2), हरदोई (2), प्रयागराज (2), आजमगढ़ (2) और खीरी (2), कानपुर (10) और सहारनपुर में (6)। इसके अलावा उन्नाव में 4, , मैनपुरी, अमेठी, गाजीपुर, सोनभद्र, सीतापुर में तीन-तीन जर्जर पुलों को ध्वस्त किया जाएगा।

यूपी में ब्रिज की होगी मरम्मत

PWD प्रमुख सचिव ने पुल की स्थिति के बारे में पहले कहा था-"यातायात प्रतिबंधित करने के बाद यह देखा जाएगा कि कौन से पुल को मरम्मत की जरूरत है, जो ठीक हो सकते हैं। इसके अलावा जिन पुल को तोड़ा जाएगा। उनकी जगह पर नए ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।"

यूपी में 200 नए पुल का निर्माण

रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में आने वाले समय में साल 2026 तक 200 नए पुल का निर्माण किया जाएगा। कई अन्य रेलवे क्रॉसिंग पर भी पुल बनाए जाएंगे। इनमें से राज्य की राजधानी लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक महत्वपूर्ण पुल के निर्माण करने की बात भी शामिल है।

ये भी पढ़ें: कौन है माता प्रसाद पांडेय, कैसी हुई थी सियासी सफर की शुरुआत? देखें तस्वीरें