अमेरिका की एक रिसर्च टीम ने यह दावा किया है कि जल्द ही एक ऐसी टेक्नीक सामने आ रही है, जिससे स्मार्टफोन पर छींकने या खांसने से ही पता चल जाएगा कि किसी को कोरोना का संक्रमण है या नहीं। 

टेक डेस्क। अमेरिका की एक रिसर्च टीम ने यह दावा किया है कि जल्द ही एक ऐसी टेक्नीक सामने आ रही है, जिससे स्मार्टफोन पर छींकने या खांसने से ही पता चल जाएगा कि किसी को कोरोना का संक्रमण है या नहीं। अमेरिकी शोधकर्ताओं की यह टीम एक ऐसे सेंसर को विकसित करने में लगी है, जिसे फोन से अटैच किया जा सकेगा। 

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60 सेकंड में वायरस का लगेगा पता
रिसर्च टीम का कहना है कि स्मार्टफोन से सेंसर को जोड़ देने पर यह 60 सेकंड के भीतर इस बात का पता लगा लेगा कि जिस व्यक्ति ने स्मार्टफोन पर छींका या खांसा है, उसे कोरोना वायरस का संक्रमण है कि नहीं। बताया जा रहा है कि यह सेंसर अगले 3 महीने में बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। इसकी कीमत करीब 55 डॉलर (लगभग 4,100 रुपए) हो सकती है।

पहले किया जाना था जीका वायरस का डिटेक्शन
इस सेंसर को डेलवप करने वाली रिसर्च टीम के प्रमुख प्रोफसर मसूद तबीब-अजहर का कहना है कि इस सेंसर को करीब 1 साल पहले बनाना शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका मकसद जीका वायरस का पता लगाना और उसे डिटेक्ट करना था। लेकिन अब इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस के डिटेक्शन के लिए किया जाएगा। प्रोफेसर मसूद तबीब-अजहर अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ यूटॉ में इंजीनियर हैं।

कैसे काम करेगा यह गैजेट
इस डिवाइस का प्रोटोटाइप 1 इंच चौड़ा है। इसे ब्लूटूथ के जरिए किसी स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है। इसे विकसित करने वाली टीम के प्रमुख प्रोफेसर मसूद ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर इस सेंसर के पास छींकेगा या खांसेगा तो यह बता देगा कि उसे कोरोना का संक्रमण है या नहीं। इसके लिए यूजर को अपने सलाइवा का माइक्रोस्कोपिक पार्टिकल डालने के पहले फोन के चार्जिंग पोर्ट में सेंसर को लगाना होगा और ऐप को चालू करना होगा। इसके बाद एक मिनट में मोबाइल की स्क्रीन पर रिजल्ट आ जाएगा। इस सेंसर का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, क्योंकि इलेक्ट्रिक करंट के जरिए पहले के सैंपल को खत्म कर दिया जाएगा।