टेक डेस्क। 29 को भारत में 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिए जाने के बाद सबसे ज्यादा परेशान टिकटॉक और हेलो ऐप के कर्मचारी नजर आए। टिकटॉक और हेलो ऐप की पेरेंट कंपनी बाइटडांस में भारत में 2000 से ज्यादा इम्प्लॉई काम कर रहे हैं। इन्हें लगा कि अब उनकी जॉब खतरे में है। जब 30 जून की सुबह उनके पास सैलरी का मैसेज नहीं आया तो नौकरी जाने की आशंका गहरा गई। लेकिन कुछ देर के बाद सैलरी का मैसेज आया। इसके साथ ही टिकटॉक के सीईओ और बाइटडांस कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) केविन मेयर ने कहा कि हमारे किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। केविन मेयर ने कहा ने टिकटॉक के भारतीय कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि हमारे कर्मचारी हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका ख्याल रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। 

वर्चुअल मीटिंग के जरिए कर्मचारियों से की बात
हेलो और टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस है। हेलो का हेड ऑफिस गुरुग्राम में है। टिकटॉक और हेलो भारत में सबसे पॉपुलर चाइनीज ऐप रहे हैं। इन पर बैन लग जाने से कर्मचारियों में नौकरी जाने की चिंता स्वाभाविक है। इसे देखते हुए 1 जुलाई को बाइटडांस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर केविन मेयर और हेलो ऐप के इंडिया हेड रोहन मिश्रा ने वर्चुअल मीटिंग के जरिए कर्मचारियों से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी। केविन मेयर ने साफ कहा कि किसी की सैलरी भी नहीं काटी जाएगी। उन्होंने कहा ऐप बैन के मसले पर भारत सरकार से बातचीत जारी है और जल्दी ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है। केविन ने कहा कि कंपनी भारत में और भी ज्यादा निवेश करेगी। 

भारत में बाइटडांस के 2 हजार से ज्यादा कर्मचारी
टिकटॉक और हेलो ऐप के गुरुग्राम स्थित हेड ऑफिस में फिलहाल 2 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। कोरोनावायरस महामारी की वजह से 95 फीसदी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम सुविधा के तहत काम कर रहे हैं। बाइटडांस के भारत में 7 ऑफिस हैं। गुरुग्राम के अलावा, कंपनी के ऑफिस मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में हैं। बता दें कि टिकटॉक के दुनिया भर में 80 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। भारत में इसके करीब 20 करोड़ यूजर हैं।