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कोरोना से बचाव में कैसे काम करता है आरोग्य सेतु ऐप, जिसे मोदी ने कहा- आप जरुर से जरूर डाउनलोड करें

दरअसल, सरकार ने इस App को लॉन्च किया है जिससे कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में मदद मिलती है। अब तक इस App को 10 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है।

How Arogya Setu App works to protect against corona kpu
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New Delhi, First Published Apr 14, 2020, 1:16 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी ने देश में लॉकडाउन को बढ़ा कर 3 मई तक कर दिया है। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए 7 जरूरी चीजों को लोगों से करने की अपील की है। इन सात वचनों में एक वचन है आरोग्य सेतु App को डाउनलोड करना। तो आखिर यह आरोग्य सेतु App क्या है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी  ने कहा है कि आप खुद भी डाउनलोड करें और दूसरों को भी करने के लिए प्रेरित करें।

क्या है आरोग्य सेतु App ? 

दरअसल, सरकार ने इस App को लॉन्च किया है जिससे कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में मदद मिलती है। अब तक इस App को 10 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। एंड्रॉयड और आईफोन दोनों तरह के स्‍मार्टफोन पर इसे डाउनलोड किया जा सकता है। इस App की खासियत यह है कि आपको आसपास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में यह मदद करेगा। 

कैसे काम करता है ?

App आपके मोबाइल के ब्लूटूथ, जीपीएस और मोबाइल नंबर का उपयोग कर काम करता है। इसके लिए सबसे पहले आपको App स्टोर से जाकर इसे डाउनलोड करना होता है। जैसे ही आप इसे अपने फोन में इंस्‍टॉल करते हैं। यह आपसे अपनी भाषा चुनने को कहता है। बतादें कि हिंदी और अंग्रेजी समेत आरोग्‍य सेतु ऐप 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्‍ध है। उसके बाद यह आपसे ब्‍लूटूथ और जीपीएस डेटा के लिए अनुमति मांगता है। जब आप इसकी अनुमती दे देते हैं तो ये कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का उपयोग करता है और बताता है कि आप कोरोना के जोखिम के दायरे में है या नहीं। 

दो रंगों में यह आपके जोखिमों के स्तर को दिखाता है

उसके बाद आपको अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होता है। रजिस्टर करने के बाद आप उसे ओटीपी से वेरिफाई करते हैं। जिसके बाद एक वैकल्पिक फॉर्म का इंटरफेस आपको दिखता है जो नाम, उम्र, पेशा और पिछले 14 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है। जब आप ये सारी चीजें बता देते हैं उसके बाद यह आपको हरे और पीले रंग के कोडों में आपके जोखिम के स्‍तर को दिखाता है। उसके बाद यह भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए।

अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि 'आप सुरक्षित हैं' तो कोई खतरा नहीं है। बस कोरोना से बचने के लिए आपको सोशल डिस्‍टेंसिंग को बनाए रखना चाहिए और घर पर रहना चाहिए। 

वहीं अगर आपको पीले रंग में दिखाया जाता है तो 'आपको बहुत जोखिम है' इसके बाद वह आपसे हेल्‍पलाइन में संपर्क करने को कहता है। 
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