लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सर्विसेज को खूब बूस्ट मिला। और इसकी खास वजह बातचीत के अलावा ऑफिस मीटिंग्स के लिए वीडियो कॉलिंग ऐप्प्स का इस्तेमाल रहा। 

मुंबई। लॉकडाउन के दौरान टेलिकॉम इंडस्ट्री में ग्रोथ दिख रही है। इन्टरनेट कंजप्शन बढ़ने के साथ ही भारत समेत कई देशों में टेली सर्विसेज के यूज में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। खासकर लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सर्विसेज को खूब बूस्ट मिला। और इसकी खास वजह बातचीत के अलावा ऑफिस मीटिंग्स के लिए वीडियो कॉलिंग ऐप्प्स का इस्तेमाल रहा। 

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अब मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो भी इस स्पेस में होड़ के लिए कमर कसने को तैयार है। जियो ने कहा है कि कंपनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जल्द लॉन्च करने की तैयारी में है। Jio Meet नाम के इस ऐप को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। रिलायंस जियो के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पंकज पवार ने ईटी के हवाले से कहा, "जियो मीट ऐसा प्लेटफॉर्म है जो सभी डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा।" 

गूगल ने फ्री कर दी है सर्विस 
मार्केट में पहले से ही कई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप सर्विसेज हैं। फेसबुक, मैसेन्जर और वाट्सएप के जरिए अपने यूजर्स को वीडियो कॉलिंग का ऑप्शन देता है जबकि गूगल भी अपने यूजर्स वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Google Meet के जरिए ये ऑप्शन देता है। स्काइप पर भी यह सुविधा मिलती है जो माइक्रोसॉफ्ट का प्लेटफॉर्म है। गूगल ने हाल ही में Google Meet को फ्री कर दिया था। पहले इस सर्विस के लिए यूजर्स से पैसे लिए जाते थे। फेसबुक वीडियो कॉलिंग को और बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। 

जूम ने जोड़े करोड़ों कस्टमर 
बड़े पैमाने पर लॉकडाउन के बाद वीडियो कॉलिंग और मीटिंग के लिए जूम ऐप ने दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में नए कस्टमर्स को जोड़ा। हालांकि चीनी सर्वर होने की वजह से जूम पर सुरक्षा कारणों को लेकर चिंता जताई गई। भारत में सरकार ने इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी की और सरकारी कामों में इसके इस्तेमाल को बैन कर दिया। भारत ने जूम जैसा ऐप बनाने के लिए स्टार्टअप और भारतीय कंपनियों को आमंत्रित भी किया। सरकार की ओर से इस काम के लिए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि भी देने का ऐलान किया गया है।

(प्रतीकात्मक फोटो)