गूगल ने मैसेजिंग ऐप के लिए एक नया सैटेलाइट फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर में यूजर्स का गूगल मैसेजिंग फीचर सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी से लिंक करेगा। यानी की इसके लिए मोबाइल टावर की जरूरत नहीं होगी। अब वॉट्सऐप को टक्कर मिल सकती है।

टेक डेस्क. मैसेजिंग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल वॉट्सऐप का किया जाता है। लेकिन यह ऐप बिना इंटरनेट के नहीं चलता है। अगर आप किसी ऐसे इलाके में रहते है, जहां पर इंटरनेट नहीं चलता। वहां पर आपको असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अब एक नया फीचर आया है, जिसमें बिना इंटरनेट के मैसेज भेजा और रिसीव किया जा सकेगा। गूगल ने मैसेजिंग ऐप के लिए एक नया सैटेलाइट फीचर लॉन्च किया है।

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क्या है सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर

इस फीचर में यूजर्स का गूगल मैसेजिंग फीचर सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी से लिंक करेगा। यानी की इसके लिए मोबाइल टावर की जरूरत नहीं होगी। यूजर सीधे गूगल के सैटेलाइट मैसेजिंग टूल का इस्तेमाल कर मैसेज कर पाएगा। इस फीचर में फोन सैटेलाइट से कनेक्ट होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई चैटबॉट जेमिनी के इंटीग्रेशन के साथ गूगल मैसेजिंग ऐप का बीटा वर्जन शुरू करने जा रहा है।

वॉट्सऐप मिलेगी टक्कर

गूगल सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर के आने के बाद वॉट्सऐप को टक्कर मिल सकती है। इसके अलावा नया मैसेजिंग फीचर आईफोन के इमेर्जेन्सी मैसेजिंग फीचर का अनुभव बेहतर हो सकता है। इसमें यूजर्स अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद किसी भी संपर्क साध पाएगा। मैसेजिंग ऐप इमेज शेयरिंग पर भा काम कर रहा है। एंड्रॉइड ओएस ऑटो-कनेक्टेड टू सैटेलाइट नोटिफिकेशन के साथ-साथ स्टेटस बार में एक सैटेलाइट आइकन के साथ आता है। 

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