दुनिया में छंटनी के दौर के बीच, एक टेक कंपनी के सीईओ का दावा है कि कंपनियां मैनेजर्स को कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की ट्रेनिंग दे रही हैं। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

नई दिल्ली। दुनिया में मंदी की आहट से बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों में जॉब्स कटिंग की जा रही है जिसकी वजह से हजारों नौकरियों जा रही हैं। कास्ट कटिंग के दौर के बीच एक टेक कंपनी के सीईओ एंडियास रोएट्टल ने दावा किया है कि दुनिया के टेक कंपनियों के सीईओ अपने मैनेजर्स को कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की ट्रेनिंग देते हैं। हायर किए जाने वाले मैनेजर्स में कर्मचारियों को फायर करने की स्किल आवश्यक एलिजिबिलिटी में गिनी जाती है। उन्होंने दावा किया है कि जिस तरह मैनेंजर्स या टीम लीडर्स को हायरिंग स्किल आनी चाहिए उसी तरह फायरिंग करने का निर्णय लेने वाला होना चाहिए। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर तरह-तरह के कमेंट्स आ रहे हैं।

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फायरिंग से काम का माहौल बनता है...

एंडियास रोएट्टल ने दावा किया है कि मैं फायरिंग करने में अच्छा हूं, यह कोई नहीं कहता है। लेकिन हमें कहना चाहिए। कुछ कर्मचारियों को निकाल कर हम अपने ऑफिस के वातावरण को खुशहाल और कामकाजी बना सकते हैं। फायरिंग आपके टीम की स्पिरिट और कल्चर को बचा सकती है। यह एम्प्लाई मैनेजमेंट का हिस्सा है।

फुटबॉल मैच की तरह होना चाहिए निकालने का नियम

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह किसी फुटबॉल मैच की तरह होना चाहिए। जैसे किसी खिलाड़ी को पहले वार्निंग के रूप में येलो कार्ड दिया जाता है। लेकिन अगर फिर वह वही करता है और कोई सुधार नहीं होता तो उसे बाहर बैठा दिया जाता है। कंपनियों में भी ऐसा ही करने का मैं पक्षधर हूं। पहले आप किसी कर्मचारी को येलो कॉर्ड दीजिए। अगर वह प्रोग्रेस नहीं दिखाता तो दूसरे पार्ट के तहत उससे अलग करने का प्रॉसेस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार किसी कर्मचारी को फायर करते हुए बहुत ही खराब फील किया था। लेकिन इससे टीम बेहतर बनाने में मदद मिली और उस रिप्लेसमेंट की वजह से हम नेक्स्ट लेवल पर पहुंचने में सक्षम हुए।

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