30 जून को भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद इसे गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं किया जा सकता, लेकिन अब इसे एक खास लिंक के जरिए ब्राउजर से डाउनलोड किया जा रहा है। 

टेक डेस्क। 30 जून को भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद इसे गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं किया जा सकता, लेकिन अब इसे एक खास लिंक के जरिए ब्राउजर से डाउनलोड किया जा रहा है। इस लिंक की मदद से कई लोग अपना पुराना टिकटॉक अकाउंट रिएक्टिवेट भी कर रहे हैं। उन्हें पुराना बैकअप तक मिल रहा है। नए यूजर दूसरे सोशल मीडिया ऐप के जरिए इसे डाउनलोड कर रहे हैं। टिकटॉक डाउनलोड करने के लिए यह लिंक चुनिंदा मोबाइल फोन पर भी भेजा जा रहा है। इससे एक्सपर्ट भी हैरान हैं। कई लोग इसके पीछे चाइनीज हैकर्स का हाथ बता रहे हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

किन्हें भेजा जा रहा है लिंक
जो लोग पहले से टिकटॉक के यूजर रह चुके हैं और इस ऐप पर वीडियो, फोटो अपलोड करते रहे हैं, उन्हें फिर से इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। लिंक वॉट्सऐप, ईमेल, मैसेज और मैसेंजर के जरिए एपीके फॉर्मेट में भेजा जा रहा है। जो लोग गूगल पर टिकटॉक सर्च कर रहे हैं, उन्हें मेल भेजा जा रहा है। 

कैसे हो रहा डाउनलोड
वॉट्सऐप पर लिंक को क्लिक करने पर यह एक्सेस मांगता है। एक्सेस देने पर टिकटॉक डाउनलोड हो जाता है। मैसेंजर वाले लिंक में फेसबुक का एक्सेस मांगा जाता है। अगर आपके फोन में ये ऐप नहीं हैं तो टिकटॉक डाउनलोड नहीं होगा। 

पहले से देना पड़ा रहा ज्यादा एक्सेस
लिंक के जरिए टिकटॉक डाउनलोड करने पर पहले से ज्यादा एक्सेस देने पड़ रहे हैं। करीब-करीब फोन के सारे एक्सेस देने पर ही टिकटॉक डाउनलोड होता है। इसमें एंटरटेनमेंट वीडियो देखने के लिए अलग से फीचर है। इस बार टिकटॉक वीडियो दूसरे सोशल मीडिया पर शेयर नहीं हो रहे।