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वीडियोकॉन चीफ पर फाइनेंशियल करप्शन के आरोप, CBI ने दर्ज किया मामला

 वीडियोकॉन समूह के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के एक मामले को लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। फोर्ब्स के मुताबिक, वेणुगोपाल धूत भारत के 61वें सबसे अमीर शख्स हैं।

Videocon chief accused of financial corruption, CBI registers case MJA
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New Delhi, First Published Jun 24, 2020, 3:02 PM IST
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टेक डेस्क। वीडियोकॉन समूह के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के एक मामले को लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। फोर्ब्स के मुताबिक, वेणुगोपाल धूत भारत के 61वें सबसे अमीर शख्स हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने कहा है कि धूत पर मोजाम्बिक में अपनी तेल एवं गैस परिसंपत्तियों को फाइनेंस कराने में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में शामिल बैंकों के समूह के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार करने के आरोप हैं। तेल मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने शुरुआती छानबीन करने के बाद धूत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। 

क्या है मामला
छानबीन में यह पाया गया कि साल 2008 में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की अनुषंगी इकाई वीडियोकॉन हाइड्रोकार्बन होल्डिंग लिमिटेड  (VHHAL) ने मोजाम्बिक में अमेरिकी कंपनी अनादारको से रोउमा क्षेत्र 1 ब्लॉक में 10 फीसदी भागीदारी रुचि हासिल की। मोजाम्बिक स्थित परिसंपत्ति को ओएनजीसी विदेश लिमिटेड और ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जनवरी 2014 में खरीद लिया था। 

स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा
अप्रैल 2012 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में बैंकों के एक समूह ने  मोजाम्बिक, ब्राजील और इंडोनेशिया में अपनी तेल एवं गैस परिसंपत्तियों के विकास के लिए स्टैंडबाय सेटर ऑफ क्रेडिट (SBLC) सुविधा दी। साथ ही, वित्त आवंटन की दूसरी जरूरतें भी पूरी की गईं। बैंकों के इस समूह में आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक भी शामिल थे।

बैंकों के समूह ने बिना जांच के दी बढ़े कर्ज की मंजूरी
इस कर्ज के एक हिस्से को री-फाइनेंस किया गया। इसमें स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (SCB), लंदन का 40 करोड़ डॉलर का बकाया भी शामिल है। करीब 10 महीने के बाद वीआईएल ने समूह से कहा कि एससीबी का कर्ज बढ़ गया है। उसने इसका भुगतान करने का अनुरोध किया और तेल एवं गैस परिसंपत्ति का प्रभार संभाल लिया। समूह ने कथित तौर पर बढ़ी हुई रकम की बगैर जांच किए मंजूरी दे दी। सीबीआई का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि एसबीआई के नेतृत्व में कर्जदाता बैंकों के अज्ञात अधिकारियों ने धूत के साथ साजिश कर के वीएचएचएल को एसीबी से सुविधा का लाभ उठाना जारी रहने दिया। इससे वीडियोकॉन को गलत तरीके से फायदा हुआ और बैंकों को नुकसान पहुंचाया गया।   
 

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