Corona Motivational Story  

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    NationalJun 7, 2021, 7:00 AM IST

    Corona Winner: मां का ऑक्सीजन लेवल 65 था, वे ICU में थीं, उनकी हिम्मत के आगे हार गया वायरस

    कोरोना वायरस एक अदृश्य दुश्मन है। इसने न सिर्फ भारत में, बल्कि दुनियाभर में ऐसी तबाही मचाही है, जिसे हम चाहकर भी दशकों तक नहीं भूल पाएंगे। हम में से न जाने कितनों ने अपनों को खोया है। लेकिन हमारे बीच कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने इस अदृश्य दुश्मन को हराकर ही चैन लिया है। Asianet Hindi समाज में कोरोना को लेकर फैले नकारात्मक माहौल को खत्म करने के लिए ऐसे ही कोरोना विनर की कहानी हर रोज आपके सामने ला रहा है।
     

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    BollywoodJun 1, 2021, 6:00 AM IST

    सुबह 98 था ऑक्सीजन लेवल, दो घंटे बाद चेक किया तो पहुंच गया 81...ये देख मेरे हाथ-पैर फूल गए

    कोरोना (Corona) वायरस की दूसरी लहर से पूरा देश खौफजदा है। पिछले कुछ वक्त से इसका असर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन लोगों के मन में अब भी इस अदृश्य वायरस को लेकर एक अजीब-सी दहशत है। अप्रैल और मई, यानी दो महीनों में इस वायरस ने कई जिंदगियां छीन लीं। भारत में अब तक 3 लाख से भी ज्यादा लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। हालांकि, इस डर भरे माहौल में पॉजिटिव चीज ये है कि कई लोग इस वायरस को मात देकर पूरी तरह ठीक भी हुए हैं। 

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    NationalMay 31, 2021, 7:10 AM IST

    चुनाव में ड्यूटी के बाद पॉजिटिव हुई, मां मुझसे संक्रमित हो गईं; हर पल उनकी ही चिंता सता रही थी

    भारत कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। देश में अब भी हर रोज 3500 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। हालांकि, एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। इसके अलावा रिकवरी रेट भी 90% के ऊपर पहुंच गया है। यानी हर 100 लोगों पर 90 आसानी से ठीक हो रहे हैं। ऐसे में समाज में कोरोना को लेकर फैले डर को दूर करने के लिए Asianet Hindi लगातार ऐसे लोगों से बात कर उनकी कहानी अपने पाठकों के सामने ला रहा है, जिन्होंने कोरोना को मात दी और समाज के लिए मिसाल पेश की।

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    BollywoodMay 25, 2021, 6:30 AM IST

    रंगपंचमी से शुरू हुआ बुखार, पहले तो घर पर ही करते रहे इलाज; लेकिन जब 7वें दिन चेक की ऑक्सीजन तो उड़ गए होश..

    कोरोना से पूरी दुनिया खौफ के साए में जीने को मजबूर है। इस जानलेवा वायरस की दूसरी लहर से देशभर में अब तक लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। शहर ही नहीं, बल्कि इस बार तो वायरस ने गांवों में भी कहर बरपाया है। कोरोना की वजह से अब भी लाखों लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी पॉजिटिविटी और जीवटता से इस वायरस को मात दी है। इन्हीं में से एक हैं भोपाल के रहने वाले ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, जिन्होंने 48 साल की उम्र में 10 दिनों तक कोरोना से जंग लड़ी और उसे हराकर अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। 

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    BollywoodMay 18, 2021, 6:30 AM IST

    उम्मीद का दामन छोड़ चुकी थी मैं, लेकिन 1 फोन से मिला दूसरा जन्म; पढ़ें 8 दिन में कोरोना से जंग जीतने की कहानी

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत देशभर में कोरोना (Corona) से हालात बेकाबू हैं। एक तरफ जहां लोगों को अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहे हैं, तो दूसरी ओर लोग कालाबाजारी के चलते महंगे दामों में रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हैं। इससे भी ज्यादा तकलीफ उन्हें तब हो रही है, जब अपना सबकुछ बिक जाने के बाद भी वो अपने करीबी को नहीं बचा पा रहे हैं। भोपाल के रहने वाले मिश्रा परिवार ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इससे बड़ी तकलीफ नहीं देखी। पैसा होते हुए भी वो कोरोना से जूझ रही अपनी बहू के लिए एक अदद ऑक्सीजन बेड की तलाश में शहर भर के अस्पतालों में कई घंटों तक भटकते रहे।

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    NationalMay 17, 2021, 6:00 AM IST

    कोरोना पॉजिटिव लोगों ने कैसे जीती जंग: अलग-अलग रहकर भी भावनात्मक रूप से जुड़ी रहीं 3 पीढ़ियां, बना रहा मनोबल

    देश इस समय कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है। हर राज्य, शहर, कस्बा...और अब तो गांवों में भी मरीज मिल रहे हैं। स्थितियां डरावनी हैं, लेकिन हौसलों के बूते लोग कोरोना से युद्ध जीत रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार रिकवरी रेट अच्छी हो रही है। कोरोना को हराने के लिए सकारात्मक सोच और आत्मबल जरूरी है। पढ़िए ऐसी ही तीन पीढ़ियों की कहानी, जिन्होंने कोरोना को हराया...