Violence In Delhi  

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    NationalJun 15, 2021, 12:13 PM IST

    CAA विरोध के दौरान दिल्ली में हुए दंगे की आरोपी नताशा, आसिफ और देवांगना को जमानत मिली

    संशोधित नागरिकता अधिनियम (CAA) के विरोध प्रदर्शन के दौरान फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा की आरोपी नताशा नरवाल, आसिफ इकबाल तन्हा और देवांगना कालिता को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। इन पर UAPA लगाया गया है।

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    NationalFeb 9, 2021, 11:38 AM IST

    26 जनवरी पर हिंसा करने वाला दीप सिद्धू आखिर है कौन?

    दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। सिद्धू 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान लालकिले पर हुई हिंसा मामले के मुख्य आरोपी में से एक है।करीब 15 दिन तक फरार रहने के बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक स्पेशल सेल की टीम ने उसे पंजाब से गिरफ्तार किया है। उसे पंजाब के जीरकपुर नाम के इलाके से गिरफ्तारी किया गया है। पुलिस की गिरफ्त से दूर रहते हुए सिद्धू लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर रहा था। 

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    NationalFeb 7, 2021, 2:05 PM IST

    किसान बन आंदोलन करने बैठे हैं शराबी, व्हिस्की की बोतल देखते ही लूटने को यूं टूट पड़े

    वीडियो डेस्क।  कृषि कानूनों के खिलाफ 2 महीने  से किसान आंदोलन कर रहे हैं।  किसानों ने शनिवार को 3 राज्यों दिल्ली, UP और उत्तराखंड को छोड़ देशभर में चक्काजाम की अपील की थी। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किए गए जाम का सबसे ज्यादा असर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दिखा। इन राज्यों में प्रदर्शनकारियों ने स्टेट और नेशनल हाईवे जाम कर दिए। ऐसे सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स गाड़ी के अंदर नजर आ रहा है जिसके हाथ में शराब की बोतल है उसके आस-पास बर्तन और ग्लास लेकर शराब लेने के लिए लाइन लगी है।  सिंघु बॉर्डर के आंदोलनकारियों का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि एशियानेट न्यूज हिन्दी नहीं करता हैं। 


     

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    NationalFeb 7, 2021, 1:24 PM IST

    खेती की ग्राउंड रिपोर्ट: बॉर्डर पर जवान है, खेत में किसान है धरने पर वो है जो मोदी से परेशान है

    वीडियो डेस्क।  कृषि कानूनों के खिलाफ 2 महीने  से किसान आंदोलन कर रहे हैं।  किसानों ने शनिवार को 3 राज्यों दिल्ली, UP और उत्तराखंड को छोड़ देशभर में चक्काजाम की अपील की थी। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किए गए जाम का सबसे ज्यादा असर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दिखा। इन राज्यों में प्रदर्शनकारियों ने स्टेट और नेशनल हाईवे जाम कर दिए। ऐसे सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स ये बता रहा है कि खेतों में फसल बोनी का काम हो रहा है।  गेहूं की खेती और सब्जियों की खेती लगातार हो रही है। बॉर्डर पर जवान हैं खेतों में किसान हैं जो धरने पर हैं वो मोदी से परेशान है।देखिए इसकी ग्राउंड रिपोर्ट  
     

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    NationalFeb 6, 2021, 7:22 PM IST

    वेदप्रताप वैदिक: किसान नहीं बता पा रहे की कृषि कानून में क्या है कमी, फर्जीमुठभेड़ से नहीं निकलने वाला हल

    वीडियो डेस्क।  कृषि कानूनों के खिलाफ 73 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों ने शनिवार को 3 राज्यों दिल्ली, UP और उत्तराखंड को छोड़ देशभर में चक्काजाम की अपील की थी। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किए गए जाम का सबसे ज्यादा असर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दिखा। इन राज्यों में प्रदर्शनकारियों ने स्टेट और नेशनल हाईवे जाम कर दिए। किसानों के चक्काजाम पर  वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक ने कहा कि  किसानों का चक्का-जाम बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया और उसमें 26 जनवरी-- जैसी कोई घटना नहीं घटी, यह बहुत ही सराहनीय है। उत्तरप्रदेश के किसान नेताओं ने जिस अनुशासन और मर्यादा का पालन किया है, उससे यह भी सिद्ध होता है कि 26 जनवरी को हुई लालकिला- जैसी घटना के लिए किसान लोग नहीं, बल्कि कुछ उदंड और अराष्ट्रीय तत्व जिम्मेदार हैं। जहां तक वर्तमान किसान-आंदोलन का सवाल है, यह भी मानना पड़ेगा कि उसमें तीन बड़े परिवर्तन हो गए हैं। एक तो यह कि यह किसान आंदोलन अब पंजाब और हरयाणा के हाथ से फिसलकर उत्तरप्रदेश के पश्चिमी हिस्से के जाट नेताओं के हाथ में आ गया है। राकेश टिकैत के आंसुओं ने अपना सिक्का जमा दिया है। दूसरा, इस चक्का-जाम का असर दिल्ली के बाहर नाम-मात्र का हुआ है। भारत का आदमी इस आंदोलन के प्रति तटस्थ तो है ही, पंजाब, हरयाणा और पश्चिमी उ.प्र. के किसानों के अलावा भारत के सामान्य और छोटे किसानों के बीच यह अभी तक नहीं फैला है। तीसरा, इस किसान आंदोलन में अब राजनीति पूरी तरह से पसर गई है। देखिए एशियानेट न्यूज हिन्दी के साथ इस वीडियो में पूरी बातचीत। 


     

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    NationalFeb 5, 2021, 12:35 PM IST

    दिल्ली हिंसा के पीछे कौन, नकाब पहनकर आए थे हमलावर, पुलिस को हाथ लगी चौंकाने वाली कुछ और तस्वीरें-वीडियो

    नई दिल्ली. 26 जनवरी को किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे किसी गहरी साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। दिल्ली क्राइम ब्रांच को अपनी जांच में ऐसी तस्वीरें और वीडियो हाथ लगे हैं, जिनमें हमलावर नकाब पहने दिख रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि किसानों के भेष में शरारती तत्व पूरी प्लानिंग से हिंसा के मकसद से आए थे। हिंसा को लेकर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पता चले कि हमलावरों का इरादा क्या था। दिल्ली क्राइम ब्रांच को इस मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। नेशनल फॉरेंसिक एक्सपर्ट को ऐसी तस्वीरें और वीडियो भी हाथ लगे हैं, जो दिखाती हैं कि हमलावर पूरी तैयारी से आए थे। यानी इस हिंसा की तैयारी पहले से की गई थी।

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    HatkeFeb 1, 2021, 8:53 AM IST

    बिना ड्राइवर का ही भागता रहा ट्रेक्टर, पीछे पीछे भागते रहें किसान, सामने आया जबर्दस्त VIDEO

    वीडियो डेस्क। सोशल मीडिया पर ट्रैक्टर स्टंट का एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। जहां खेत में एक ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के चलते हुए दिख रहा है। दरअसल खेत में एक व्यक्ति ट्रैक्टर में बैठ कर स्टंट कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह पलट गया। ड्राइवर तो नीचे गिर गया, लेकिन ट्रैक्टर पलट कर वापस सीधा हो गया और कुछ देर तक पूरे खेत में अंसतुलित हो कर चलता रहा. जिसके बाद एक युवक भाग कर ट्रैक्टर में बैठा और उसे कंट्रोल में लेकर बाकी फसल को बचाया।

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    NationalJan 30, 2021, 3:21 PM IST

    दिल्ली के ट्रैक्टर परेड का सबसे खौफनाक CCTV आया सामने, कैसे किसानों ने पुलिस को मारने के लिए मचाया था तांडव

    वीडियो डेस्क। दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के लिए 37 लोगों को जिम्मेदार मानते हुए एफआईआर दर्ज की है, जिसमें से पांच नामों को साजिश का सूत्रधार बताया जा रहा है. 37 नामों के अलावा भी कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्हें पुलिस को ढूंढना भी है। दिल्ली में हुई हिंसा का एक CCTV फुटेज सामने आया है जिसमें एक ट्रैक्टर सवार पुलिस जवान को कुचलने की कोशिश करता नजर आ रहा है। पुलिस वहां पर हालात काबू में करने के लिए तैनात है ये किसान उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। देखिए वीडियो

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    NationalJan 29, 2021, 7:22 PM IST

    योगेंद्र यादव के खिलाफ फूटा पड़ोसियों का गुस्सा, सोसाइटी के लोगों ने कहा- अपार्टमेंट से इन्हें बाहर करो

    वीडियो डेस्क। गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी के दिन देश की मर्यादा को तार-तार करने वाले उपद्रवियों और किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में शामिल योगेंद्र यादव के खिलाफ आइपी एक्सटेंशन स्थित सह विकास अपार्टमेंट के बाहर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान योगेंद्र यादव का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सह विकास अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए को पत्र दिया है, जिसमें योगेंद्र यादव का फ्लैट खाली कराने की मांग की गई है। दरअसल, योगेंद्र यादव इसी अपार्टमेंट में रहते हैं। प्रदर्शन को देखते हुए योगेंद्र यादव ने दिल्ली पुलिस से परिवार के लिए सुरक्षा मांगी थी। इस पर दिल्ली पुलिस के जवान उनके फ्लैट के बाहर तैनात हो गए हैं।

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    NationalJan 29, 2021, 6:20 PM IST

    सिंघु बॉर्डर खाली करवाने तलवार लेकर पहुंचे स्थानीय लोगों का बवाल, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

    वीडियो डेस्क। किसानों के गणतंत्र दिवस पर निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है, इसलिए वे किसानों को बॉर्डर खाली करने को कह रहे हैं। किसान आंदोलन के बीच सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को बवाल हो गया। लोग धरनास्थल पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए किसानों से बॉर्डर खाली करने की मांग करने लगे। इनका कहना था कि किसान आंदोलन के चलते लोगों के कारोबार ठप हो रहे हैं। इसके बाद किसानों और नारेबाजी कर रहे लोगों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ। पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ते देख लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस झड़प में 5 पुलिसवाले घायल हो गए।

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    NationalJan 29, 2021, 3:47 PM IST

    किसान आंदोलन के खिलाफ सड़कों पर उतरे गांव के लोग, बोले, कारोबार हो रहा ठप, खाली करो सिंघु बॉर्डर

    वीडियो डेस्क। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसक प्रदर्शन के बाद लोगों में भी इसके खिलाफ गुस्सा है। अब सिंघु बॉर्डर पर भी किसानों को लेकर रोष दिखाई देने लगा है। सिंघु बॉर्डर पर गांव वालों ने नारेबाजी की है। इसके साथ ही गांव वालों ने हाइवे को खाली करते की मांग की है। लाल किले में झंडा फराने जाने कि वजह से गांव वालों में बेहद नाराजगी देखने को मिली है। गांव वालों का कहना है कि लाल किले पर जिस तरह से तिरंगे का अपमान हुआ है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र के तीन नए कृषि कानून के विरोध में दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के गणतंत्र दिवस पर निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है, इसलिए वे किसानों को बॉर्डर खाली करने को कह रहे हैं।

  • लेकिन 20 साल के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। 2015 में उन्होंने आप की टिकट से चुनाव लड़ा और चांदनी चौक से विधायक बनी।

    Fake CheckerJan 29, 2021, 2:26 PM IST

    FACT CHECK: कांग्रेस नेता अलका लांबा ने फर्जी दावे के साथ शेयर किया किसान आंदोलन हादसे का वीडियो

    कांग्रेस नेता अलका लांबा ने ट्वीटर पर एक भयानक हादसे का संवेदनशील वीडियो साझा करके सरकार पर किसानों को कुचलने के आरोप लगाए। लांबा के इस वीडियो को लाखों व्यूज मिल गए हैं वहीं कुछ लोग रिट्वीट के जरिए उन्हें वीडियो की सच्चाई बताने में जुटे हैं। 

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    NationalJan 28, 2021, 5:07 PM IST

    किसान आंदोलन के खिलाफ उतरे गांव वाले, बोले बहुत हो गया अब सिंघु बॉर्डर खाली करो

    वीडियो डेस्क।  दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसक प्रदर्शन के बाद लोगों में भी इसके खिलाफ गुस्सा है।  बीते दिनों दिल्ली-जयपुर पर बैठे किसानों को स्थानीय लोगों ने अल्टीमेटल दिया। अब सिंघु बॉर्डर पर भी किसानों को लेकर रोष दिखाई देने लगा है। सिंघु बॉर्डर पर गांव वालों ने नारेबाजी की है। इसके साथ ही गांव वालों ने हाइवे को खाली करते की मांग की है। लाल किले में झंडा फराने जाने कि वजह से गांव वालों में बेहद नाराजगी देखने को मिली है। गांव वालों का कहना है कि लाल किले पर जिस तरह से तिरंगे का अपमान हुआ है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने पंचायत कर प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया कि वो अब सिंघु बॉर्डर खाली खरे। पिछले दो महीने से किसानों के यहां जमा होने से कई दिक्कतों के साथ आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  

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    NationalJan 28, 2021, 2:00 PM IST

    सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरने के खिलाफ हंगामा, हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम

    26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन के खिलाफ गुस्सा फूटने लगा है। जगह-जगह किसानों के धरने को लेकर स्थानीय रहवासी और दूसरे संगठन विरोध में उतर आए हैं। सिंघु बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग उतर आए और हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया।

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    NationalJan 28, 2021, 12:40 PM IST

    अगर किसानों को तीनों कृषि कानूनों की सच्चाई पता चल गई, तो पूरा देश भड़क उठेगा

    26 जनवरी को दिल्ली में हुए किसानों के हिंसक प्रदर्शन ने बेशक आंदोलन को निराशा में डाल दिया है, लेकिन कांग्रेस मामले को हाथ से जाने नहीं देना चाहती। अपने दो दिवसीय दौरे पर केरल में मौजूद वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने आग में घी डालने वाला बयान दिया है।