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Covid-19: अब सोशल मीडिया पर बढ़ी ब्लैक फंगस का इलाज करने वाली दवा की मांग, जानें कितना मुश्किल है इसे पाना

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पिछले कुछ दिनों में एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन के लिए खूब एसओएस मैसेज आ रहे हैं। गुड़गांव के कुछ अस्पतालों ने भी कमी इस दवा की कमी देखी गई, जिसके कारण हरियाणा सरकार ने इंजेक्शन की खरीद के लिए एक पैनल बनाया।

Demand for Amphotericin B a drug of the Black Fungus increased on social media kpn
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New Delhi, First Published May 19, 2021, 2:25 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर में सोशल मीडिया पर एसओएस के साथ लोगों ने खूब मदद मांगी। अस्पताल के बेड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर या फिर एम्बुलेंस सभी के लिए पोस्ट डाली गई। लेकिन इन दिनों इस लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया है। इसका नाम एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन है। ये एंटिफंगल दवा है, जिसका इस्तेमाल कोरोना से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) की दिक्कत होने पर किया जाता है। 

सोशल मीडिया पर एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की मांग बढ़ी 
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पिछले कुछ दिनों में एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन के लिए खूब एसओएस मैसेज आ रहे हैं। गुड़गांव के कुछ अस्पतालों ने भी कमी इस दवा की कमी देखी गई, जिसके कारण हरियाणा सरकार ने इंजेक्शन की खरीद के लिए एक पैनल बनाया।

नोएडा में भी एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कमी 
नोएडा के अस्पतालों में भी ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एम्फोटेरिसिन बी की कमी दिखी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपक ओहरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लखनऊ से ये इंजेक्शन मंगा रहा है। केमिस्ट को ये इंजेक्शन रखने की अनुमति नहीं है।

ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने पुष्टि की कि एम्फोटेरिसिन बी बाजार में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, जब हमें ये दवा मिलती है, तो हम इसे सरकारी निर्देशों के अनुसार अस्पतालों को देते हैं। ये केंद्र सरकार के जरिए मिल रही है और जिलों को दी जा रही है।

मरीज 3 दिन तक खोजता रहा एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन
नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती अपने चचेरे भाई के लिए एक मरीज 3 दिन तक भटकता रहा। सेक्टर 34 में रहने वाले प्रांजुल श्रीवास्तव ने कहा कि मैंने हर जगह तलाश की। तीन दिनों में हर किसी से संपर्क किया है। अस्पताल में भी ये दवा नहीं है। केमिस्ट स्टोर इसे नहीं रखते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी बात की। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपक ओहरी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिए सभी जिलों को इंजेक्शन भेज रही है। स्टॉक मिलने के बाद मरीजों के परिजनों से संपर्क किया जाएगा।

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