नई दिल्ली. पीएम मोदी ने Pariksha Pe Charcha 2021 के दौरान छात्रों के अलावा पैरेंट्स को भी खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आपको ध्यान रखना चाहिए कि कहीं आप अपने बच्चों को अपनी तरह तो नहीं बना रहे हैं। मैं आप पर सवाल नहीं उठा रहा। सामान्य व्यवहार की बात कर रहा हूं।   

"बच्चों को जकड़ने की कोशिश नहीं करना चाहिए"
पीएम मोदी ने कहा, जीवन का जी तरीका आपने चुना है वैसी ही जिंदगी आपके बच्चे भी जिएं। अगर वे बदलाव करते हैं तो आपको लगता है कि पतन हो रहा है। बंगाल की एक बेटी ने स्टार्टअप शुरू किया है। उनका अनुभव मुझे याद रहता है। आपको सोचना चाहिए कि आप अपने बच्चों को जकड़ने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं। आपकी संतान यह विरोधाभा देखती है तो उनके मन में सवाल उठते हैं। 

अपने बच्चों को मूल्य कैसे सिखा सकते हैं?
पीएम ने कहा, आपके घर में जो लोग काम करने आते हैं तो क्या कभी आपने उनके सुख-दुख की बात की है। अगर आप ऐसा करते हैं तो अपने बच्चे को मूल्य नहीं सिखाने पड़ते। मैं आप पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। 

पीएम ने कहा- कठिन सब्जेक्ट से भागें नहीं
बातचीत के दौरान एक छात्र ने पूछा कि सब्जेक्ट कठिन हो तो क्या करना चाहिए। तब पीएम मोदी ने लता मंगेशकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, लता दी को देखिए। उनकी महारत जियोग्राफी भले न हो। संगीत में उन्होंने जो किया है वह हर एक के लिए प्रेरणा का कारण बन गई है। अगर आपको कोई सब्जेक्ट कठिन लगता है तो यह कोई कमी नहीं है। इससे भागिए मत। टीचर्स के लिए मेरी सलाह है कि टाइम मैनेजमेंट के संबंध में सिलेबस से बाहर जाकर उनकी बात करें। उन्हें टोकने के बजाय उन्हें गाइड करें।

"बच्चों के पीछे इसलिए भागना पड़ता है क्योंकि उनकी रफ्तार हमसे ज्यादा है। बच्चों को बताने, सिखाने, संस्कार देने की जिम्मेदारी परिवार की ही है, लेकिन कई बार बड़े होने के साथ हमें भी मूल्यांकन करना चाहिए।"