Asianet News Hindi

रातों-रात बदली सब्जी बेचने वाले की किस्मत, सड़क से उठकर सीधे नगरनिगम का चेयरमैन बना ये इंसान

आंध्र प्रदेश के रायचोटी में सब्जी बेचने वाली एक युवक नगरपालिका का अध्यक्ष बन गया। बेरोजगारी के चलते वह गांव में सब्जी बेचने को मजबूर था। लेकिन बाशा को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने रायचोटी नगर पालिका का अध्यक्ष चुन लिया है।

sheikh basha who sold vegetables became chairman of municipality of rayachoty andhra pradesh dva
Author
Andhra Pradesh, First Published Mar 20, 2021, 4:15 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

हटके डेस्क : कहते है ना कि जब देने वाला देता है, तो छप्पर फाड़ कर देता है। कुछ ऐसा ही हुआ है आंध्र प्रदेश के रायचोटी (rayachoty, andhra pradesh ) में सब्जी बेचने वाले एक युवक के साथ, जिसकी किस्मत रातों- रात बदल गई और ये इंसान सब्जी व्यापारी से सीधे नगरपालिका का अध्यक्ष बन गया। जी हां, शेख बाशा (sheikh basha) नाम का ये शख्स बेरोजगारी की वजह से गांव में सब्जी बेच कर अपना जीवन यापन कर रहा था। लेकिन बाशा को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने रायचोटी नगर पालिका का अध्यक्ष चुन लिया है।

ग्रेजुएट होने के बाद भी सब्जी बेच रहा था युवक
बता दें कि, शेख बाशा ग्रेजुएट डिग्री होल्डर हैं, लेकिन बेरोजगारी के चलते वह गांव में सब्जी बेचने को मजबूर था। बाशा का कहना है कि डिग्रियां होने के बावजूद भी नौकरी नहीं मिली, बेरोजगारी की वजह से मुझे सब्जियां बेचकर घर चलाना पड़ता था। मेरी जिंदगी में कोई दिशा नहीं थी लेकिन वाईएसआर कांग्रेस ने मुझे पहले पार्षद का चुनाव लड़ने का मौका दिया और अब नगर पालिका का अध्यक्ष बना दिया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी शुक्रिया अदा किया।

पार्षद का चुनाव जीतकर आए नजर में
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने शेख बाशा को पार्षद का चुनाव लड़ने का मौका दिया और उन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज की। जिसके बाद वाईएसआर के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने बाशा के जीत के आंकडों पर नजर डाली और इसके बाद उन्होंने बाशा को नगर पालिका का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

86 में 84 सीटों पर YSR का कब्जा
आंध्र प्रदेश में पिछले हफ्ते ही नगरीय निकाय चुनाव हुए थे। जिसमें वाईएसआर ने  86 नगर पालिकाओं/नगर निगमों में से 84 पर कब्जा किया है। महापौर और अध्यक्षों के चुनाव में महिलाओं को 60.47 फीसद और पिछड़े वर्ग के कैंडिडेट को 78 फीसद पद दिए गए हैं। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios