COBR के पूर्व सीक्रेट सर्विस कॉर्डिनेटर रिचर्ड केम्प ने कहा, दुनिया भर में होने वाले आतंकी हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) का हाथ होता है। 

नई दिल्ली. पाकिस्तान किस तरह से आतंकवाद का समर्थन करता है, उसका दुनिया भर में विभिन्न आतंकी घटनाओं और इस्लामिक राज्यों से क्या सबंध है, इसका खुलासा DW न्यूज ने अपनी एक डाक्यूमेंट्री में किया है। 

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COBR के पूर्व सीक्रेट सर्विस कॉर्डिनेटर रिचर्ड केम्प ने कहा, दुनिया भर में होने वाले आतंकी हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) का हाथ होता है। 

यहां देखें पूरी डॉक्यूमेंट्री

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आतंकियों को सुविधा पहुंचाने का आरोप
उन्होंने कहा, आपको दुनिया भर के अधिकांश आतंकवादी हमलों के लिए लिंक मिल जाएगा जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ISI से जुड़ते हैं। वे प्रमुख सुविधा देने वाले हैं। 

2001 में संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का घातक आतंकवादी हमले में लगभग 3000 लोगों की जान चली गई थी। वो पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी और डेविड हेडली ने किया था। 

2008 में पाकिस्तानी संगठन का हाथ
2008 में मुंबई हमले पाकिस्तानी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने किया था। हालांकि, पाकिस्तान ने हमेशा इस बात से इनकार किया है और उसे आतंकवादी संगठन बताने से इनकार किया है। परवेज मुशर्रफ की अध्यक्षता में देश की खुफिया एजेंसी ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर काम किया।

संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे मुशर्रफ ने कहा, आप उन्हें आतंकवादी कैसे कहते हैं। मैं उन्हें मुजाहिदीन कहता हूं। यह लश्कर-ए-तैयबा का संगठन है, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गैर सरकारी संगठनों में से एक है।