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युवक 20 दिन में 1507 km पैदल चलकर पहुंचा घर, परिवार के लोग बोले- पहले जांच रिपोर्ट लाओ, तब आओ घर

रिवार वालों की सलाह पर वह कबीर चौरा अस्पताल पहुंचा। वहीं, जब ये बात पुलिस को पता चली तो उसे दीनदयाल अस्पताल टेस्ट के लिए भेजा। पुलिस भी उसके साथ थी। इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने इस बात की पुष्टि की है। वहीं, युवक ने बताया कि मोहल्लेवाले और घर वाले बिना जांच रिपोर्ट के मुझे घुसने नहीं देंगे।

1507 km walk home in 20 days, family members said - first bring the test report, then come home asa
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Varanasi, First Published Apr 13, 2020, 8:12 AM IST
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वाराणसी (Uttar Pradesh)। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोग सहमे हुए हैं। वे दूसरे राज्यों से आए अपने ही घर वालों को शक की नजर से देख रहे हैं। ताजा मामला वाराणसी से आया है। जहां एक युवक 20 दिन में मुंबई से 1507 किमी की दूरी पैदल तय करके अपने घर के करीब पहुंचा। मोबाइल से कॉल कर घरवालों को बताया कि वह बनारस आ गया है। लेकिन, अपने ही परिवार वालों ने उसे घर में आने से साफ मना कर दिया। साथ ही शर्त रख दी कि पहले कोरोना वायरस का टेस्ट कराओ और रिपोर्ट लेकर आओगे, तभी घर में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद हैरान रह गया और कोरोना टेस्ट कराने अस्पताल पहुंचा। यह घटना नगर कोतवाली के गोलादिनानाथ की है।

यह है पूरा मामला
नगर कोतवाली के गोलादिनानाथ का रहने वाला यह युवक मुम्बई में काम करता है। वह एक साल पहले मुंबई के नागपाड़ा गया था। जहां होटल में काम करता था। कोरोना वायरस के चलते होटल बंद हो गया। इसके बाद मजबूरी में 23 मार्च को मुंबई से पैदल ही चला था। लॉकडाउन में उसे कोई साधन नहीं मिला। रास्ते में कुछ लोग साथ मिले। लेकिन, वे परिचित नहीं थे। सभी को पूर्वांचल आना था। आखिर में 20 दिन में 1507 किलो मीटर का पैदल सफर कर घर पहुंच गया।

परिवार वालों की बातें सुनकर रह गया हैरान 
घर से चंद कदम दूर पर होने पर मोबाइल से कॉल कर घरवालों को बताया कि वह बनारस आ गया है। लेकिन, अपने ही परिवार वालों ने उसे घर में आने से साफ मना कर दिया। साथ ही शर्त रख दी कि पहले कोरोना वायरस का टेस्ट कराओ और रिपोर्ट लेकर आओगे, तभी घर में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद हैरान रह गया।

पुलिस से युवक ने कही ये बातें
परिवार वालों की सलाह पर वह कबीर चौरा अस्पताल पहुंचा। वहीं, जब ये बात पुलिस को पता चली तो उसे दीनदयाल अस्पताल टेस्ट के लिए भेजा। पुलिस भी उसके साथ थी। नगर कोतवाली इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने इस बात की पुष्टि की है। वहीं, युवक ने बताया कि मोहल्लेवाले और घर वाले बिना जांच रिपोर्ट के मुझे घुसने नहीं देंगे। युवक के भाई ने भी बताया कि बिना टेस्ट के सभी को खतरा है। पता नहीं कितने लोगों के संपर्क में आया होगा? जब रिपोर्ट निगेटिव होगी, परिजन ने तभी घर आने के लिए कहा है।

(प्रतीकात्मक फोटो)

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