उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना को लेकर शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना को लेकर शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इसके तहत कुछ राजनैतिक दल और संगठन युवाओं को भड़काने में लगे हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक, साजिश के तहत इस योजना की आड़ में यूपी की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश हो रही है।

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एडीजी कानून व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार ने विरोध प्रदर्शन को लेकर कही बात
एडीजी कानून व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार ने कहा कि "खुफिया एजेंसियों के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच सामने आने के बाद जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।" यूपी में 17 जगहों पर विरोध प्रदर्शन की सूचना है। बलिया और अलीगढ़ में आगजनी की घटनाएं हुईं हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर छिटपुट घटनाएं हुईं हैं, जिसे पुलिस द्वारा नियंत्रित कर दिया गया है। जबकि मथुरा में कुछ जगहों पर धरना प्रदर्शन चल रहा है। यह भी सूचना मिली है कि कुछ संगठनों के द्वारा इन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है।

कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम आया सामने
दरअसल खुफिया एजेंसियों को कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम से एक व्हाट्सऐप चैट हाथ लगा है। अब खुफिया एजेंसी इस चैट के माध्यम से अपनी जांच को आगे बढ़ा रही हैं। यूपी के एडीजी कानून व व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार ने कहा कि खुफिया एजेंसी को अग्निपथ विरोध को लेकर अहम सुराग लगे हैं, जिसमे कुछ संगठनों के नाम सामने आए हैं। अब इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक एक्शन लिया जायेगा।

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