यूपी के अलीगढ़ में भाजपा विधायक ने शहर के ही एक व्यक्ति की पत्नी, बेटी और बेटे को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया है। कई बार थाने में तहरीर देने के बाद कोई कार्रवाई न होने पर एसएसपी को पत्र सौंपा है जिसमें लिखा है कि करीब एक साल से परिवार को बंधक बना रखा रहा है। 

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के जिले अलीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने बीजेपी विधायक व उनके बेटे पर परिवार को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। शहर के ही व्यक्ति ने पत्नी, बेटी और बेटे को बंधक बनाकर रखने की बात कही है। पीड़ित का आरोप है कि भाजपा विधायक व उनके बेटे ने तीनों को एक साल से बंधक बना रखा है। इसी से परेशान होकर उसने एसएसपी को पत्र दिया है। उसमें उसने कहा है कि करीब एक साल से बंधक बना रखा है। एक या दो दिन नहीं, जबकि एक साल से बना रखा है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी ऑफिस पर आत्महत्या करने को मजबूर होगा।

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बिल्डरों की पीड़ित के मकान पर हैं नजर
जानकारी के अनुसार शहर के आर्य नगर कॉलोनी निवाी राजीव कुमार अग्रवाल ने एसएसपी को दी तहरीर में बताया है कि पिछले साल 30 अप्रैल को वह किसी काम से बाहर गया था। इसी दौरान कोल विधायक का पुत्र कार्तिक पराशर उनकी पत्नी प्रीति अग्रावल, बेटी मुस्कान अग्रवाल और बेटा रितिक अग्रवाल को अपने साथ ले गया। आगे कहता है कि कार्तिक के साथ अन्य कई लोग भी शामिल थे। जो उनकी पत्नी और बच्चों को अपने साथ बहला फुसलाकर ले गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने उनके घर में रखे कीमती सोने-चांदी के जेवर भी अपने साथ ले गए। अब एक साल से ज्यादा समय हो चुका है और अभी तक उनकी पत्नी व बच्चे वापस नहीं लौटे है। इसको लेकर कई बार थाने में तहरीर दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके मकान पर बिल्डरों की नजर है। कोल विधायक अनिल पराशर भी प्रॉपर्टी का काम करते है और कई बार मकान बेंचने के लिए दबाव भी बनाया। लेकिन उसने अपना मकान बेचने से इंकार कर दिया।

अभी तक की जांच में आरोप पाए गए असत्य 
पीड़ित व्यक्ति ने आगे बताया कि कोल विधायक का बेटा उनकी बेटी के साथ पढ़ता था इसलिए दोनों के बीच दोस्ती थी और घर आना जाना था। जब वह घर में नहीं थे तभी उन्होंने अपने बेटे के जरिए उनके पूरे परिवार को बहला फुसलाकर अपने पास बुला लिया और अब एक साल से अधिक हो गया है अभी तक वापस नहीं आए है। एक साल से उन्हें बंधक बना रखा है। एक साल हो गए वह अपने परिवार से मिल भी नहीं सकता है। वहीं इस पूरे मामले में सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि राजीव अग्रवाल की पत्नी, बेटी और बेटे से की गई जानकारी में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि राजीव अग्रवाल द्वारा अपनी पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की जाती थीजिससे तंग आकर पत्नी द्वारा एक मुकदमा अपने पति के खिलाफ थाना क्वार्सी में विभिन्न धाराओं में लिखवाया गया था। अभी तक की जांच में आरोप असत्य पाए गए हैं। 

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