अयोध्या के सरयू नदी पर जल्द बैराज बनाने का काम शुरू हो जाएगा। जिसका पूरी तरह से खाका खींचा जा चुका है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) से तैयार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर में इसके निर्माण पर लगभग 2 हजार 921 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। यूपी सरकार को लगभग डेढ़ करोड़ रुपए इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए CWC को देना पड़ा है। 

अनुराग शुक्ला
अयोध्या: प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के सरयू नदी पर जल्द बैराज बनाने का काम शुरू हो जाएगा। जिसका पूरी तरह से खाका खींचा जा चुका है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) से तैयार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर में इसके निर्माण पर लगभग 2 हजार 921 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। यूपी सरकार को लगभग डेढ़ करोड़ रुपए इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए CWC को देना पड़ा है। बैराज की भंडारण क्षमता 230 मिलीयन क्यूबिक मीटर एमसीए होगी। इसके निर्माण से अयोध्या नगर निगम को वर्ष 2051 तक पेयजल आपूर्ति की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी।सांसद लल्लू सिंह के प्रयास के बाद लगभग 2 वर्ष से ज्यादा समय किसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने में लगी है। 

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राम की पैड़ी की मेंटेनेंस में प्रतिवर्ष खर्च होने वाले पौने 3 करोड़ रुपए की होगी बचत
 राम की पैड़ी के मेंटिनेंस में प्रतिवर्ष खर्च होने वाले पौने तीन करोड़ रुपए की बचत बैराज बनने से होगी। बस्ती जिले की हर्रैया तहसील ने सरयू नहर खंड के पंप हाउस की सिंचन क्षमता 10 हजार से बढ़कर 20 हजार हेक्टेयर हो जाएगी ।अभी तक सिर्फ खरीफ सीजन में ही पंप हाउस से किसानों को सिंचाई के लिए पानी विभाग उपलब्ध कराता था। लेकिन कुछ वर्षो बाद बैराज के निर्माण से खरीफ के साथ रवि सीजन में भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सिंचाई एवं जल संसाधन के प्रमुख सचिव के समक्ष इसे प्रस्तुत किया जा चुका है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इसे मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

गुप्तार घाट तक होगा फैलाव 8 किलोमीटर लंबा होगा बैराज 
 बैराज का निर्माण अयोध्या को गोंडा से जोड़ने वाले पुराने सरयू पुल पर रेलवे पुल के बीच में प्रस्तावित है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता संदीप खरे ने अयोध्या बैराज की प्रोजेक्ट रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। सिंचाई विभाग के इंजीनियर राम नगरी के लिए इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में बता रहें हैं ।बैराज की लंबाई लगभग 820 मीटर होगी ।15 -15 मीटर चौड़ाई पर 45 गेट 7. 3 मीटर ऊंचाई में लगेंगे। लगभग 8 किलोमीटर लंबा इसका फैलाव गुप्तार घाट तक होगा। बैराज निर्माण से गुप्तार घाट से अयोध्या के घाटों तक हमेशा श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।