लखनऊ (Uttar Pradesh) । कोराना वायरस के संक्रमण को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। लॉक डाउन के बीच आज फिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना पर नियंत्रण और बचाव के लिए गठित 11 कमेटियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक की। सीएम ने इस मंथन में कई मानवीय फैसले किए। मुख्यमंत्री ने कहा वह कामगार अपने राज्य में नहीं जाना चाहते तो भी कोई बात नहीं, सबकी हिफाजत मेरी जिम्मेदारी है। अधिकारी उन सभी की दैनिक और आर्थिक जरूरतों की चिंता करें, ताकि वे अपने-अपने राज्यों के लिए पलायन न करें। जो चुनौती हमारे राज्य के सामने आई है, पलायन के चलते हम नहीं चाहते कि बाकी राज्यों को भी उनसे जूझना पड़े।

समय पर वेतन दिलाने का प्रयास
सीएम आदित्यनाथ ने 28 राज्यों के लिए तैनात नोडल अफसर के साथ बैठक में अन्य राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी निजी संस्थानों के कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने तथा हर गरीब-मजदूर को मदद देने को हम शीर्ष स्तर पर काम कर रहे हैं।

गरीब व मजदूर को खोजकर पैसा देंगे अफसर
सीएम ने अधिकारियों को कहा कि गरीब व मजदूर को खोजकर पैसे दीजिए। गरीबों से मकान मालिक किराया ना लें। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मकान मालिकों से किराया न लेने की अपील की है। अब बकाए के कारण किसी की भी बिजली नहीं कटेगी। हर जगह पर बिजली तथा पानी की आपूर्ति बनी रहेगी। जिलों के डीएम को सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सामानों की कीमत निर्धारित करें। जो गड़बड़ी करे उसपर कार्रवाई करें। जमाखोरी करने पर केस दर्ज करें। 

नोडल प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों में रह रहे यूपी के लोगों को सभी तरह की सुविधाएं दिलाने के लिए तैनात सभी नोडल प्रशासनिक अफसरों को भी बड़ी जिम्मेदारी दी है। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी नोडल अफसर तैनात किए हैं। इन्हें मिलाकर अब तक 25 राज्यों व तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल अफसरों की तैनाती की जा चुकी है।