भाजपा ने रविवार को नुपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। जबकि पैगंबर पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया गया था।

कानपुर। पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नेताओं की वजह से बीजेपी और केंद्र सरकार की हुई किरकिरी के बीच कार्रवाईयां भी शुरू हो गई हैं। यूपी में पैगंबर मुहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले बीजेपी युवा मोर्चा के नेता (BJP leader arrested) को अरेस्ट कर लिया गया है। कानपुर हिंसा के चार दिन बाद यूपी पुलिस ने यह कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपी बीजेपी यूथ विंग का पदाधिकारी बताया जा रहा है। 

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पुलिस कमिश्नर बोले-धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि भाजपा यूथ विंग के पदाधिकारी हर्षित श्रीवास्तव अपने आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय मीणा ने कहा कि जो भी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।

कानपुर में शुक्रवार को हिंसा भड़क गई थी

शुक्रवार की नमाज के बाद कानपुर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी। दो समूहों के सदस्य आपस में भिड़ गए थे। मामला उस समय तूल पकड़ा जब भाजपा नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद पर दिए गए अपमानजनक बयान के विरोध में बाजार बंद करने का एक पक्ष आह्वान कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और फिर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी होने लगी।

कानपुर हिंसा में शामिल लोगों पर हो रही कार्रवाई

सोमवार को कानपुर पुलिस ने कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों की 40 तस्वीरों वाले पोस्टर जारी किए थे। पुलिस ने घटना के कई वीडियो के माध्यम से कथित आरोपियों की तस्वीरें एकत्र की हैं, जिनमें सीसीटीवी और मोबाइल फोन में कैद वीडियो भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी जफर हयात सहित 50 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के सिलसिले में 1,500 से अधिक नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस हिंसा में 40 से अधिक घायल हो गए थे।

नुपुर शर्मा को बीजेपी ने कर दिया है निलंबित

भाजपा ने रविवार को नुपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। जबकि पैगंबर पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया गया था। इस टिप्पणी को दुनिया भर से बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया मिली थी और 16 देशों ने विवादास्पद टिप्पणियों की निंदा की थी।

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