गोरखपुर (Uttar Pradesh). कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ अलग-अलग समूहों के बीच धर्म के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोप में कुशीनगर जिले के कसिया थाने में केस दर्ज किया गया है। 

क्या है पूरा मामला
कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया, स्थानीय भाजपा विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी के बेटे दिव्येन्दु मणि त्रिपाठी ने दिग्विजय के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर बुधवार को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया, दिग्विजय ने कथित रूप से बयान दिया था कि भगवाधारी लोग मंदिरों तक में बलात्कार करते हैं।

टीवी पर देखा था दिग्विजय सिंह का बयान
दिव्येन्दु त्रिपाठी ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिग्विजय ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने हिन्दू समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। 17 सितंबर को उन्होंने टीवी पर दिग्विजय को कहते देखा और सुना कि भगवाधारी लोग मंदिरों के भीतर बलात्कार करते हैं। इससे पहले एक सितंबर को भी दिग्विजय ने कहा था कि आरएसएस और अन्य हिन्दू संगठन मुसलमानों के मुकाबले कहीं ज्यादा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त हैं और वे आईएसआई से सहायता लेते हैं।

उमा भारती ने भी बोला था दिग्विजय सिंह पर हमला
उन्होंने कहा, दिग्विजय ने यह भी बयान दिया है कि सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल आतंकी गतिविधियों का केन्द्र हैं। हिन्दू संगठनों और भगवाधारी लोगों पर दिग्विजय की अपमानजनक टिप्पणी सुनने के बाद मैंने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बुधवार को भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने दिग्विजय की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भोपाल लोकसभा सीट पर साध्वी प्रज्ञा से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।