मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-माफियाओं द्वारा हड़पी गई जमीन को उनकी सरकार में मुक्त कराया गया और 'शिक्षा माफिया' पर भी शिकंजा कसा गया। मुरादनगर कस्बे में रोडशो में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी शामिल हुए। इसमें बागपत से भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। 

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने शनिवार को कहा कि 2017 में राज्य के लोगों ने विपक्षी गठबंधन को स्वीकार नहीं किया था और आने वाले चुनाव में भी स्वीकार नहीं करेंगे। योगी ने यह टिप्पणी परोक्ष तौर पर राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav) के लिए समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा किये जाने वाले गठबंधन की ओर इशारा करते हुए की। 

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जन विश्वास यात्रा के संबोधन में विपक्ष पर साधा निशाना 
योगी ने यहां आंबेडकर रोड पर कालका गढ़ी चौक पर 'जन विश्वास यात्रा' को संबोधित किया और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 'कांवड़ यात्रा' का विरोध करती है जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसका समर्थन करती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव में 325 सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि उनके शासन में समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं रहा और सभी को सरकार के विकास कार्यों से लाभ हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-माफियाओं द्वारा हड़पी गई जमीन को उनकी सरकार में मुक्त कराया गया और 'शिक्षा माफिया' पर भी शिकंजा कसा गया। मुरादनगर कस्बे में रोडशो में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी शामिल हुए। इसमें बागपत से भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। 

सपा की अंतर्कलह का भाजपा को फायदा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पश्चिम का किला फतह करने की कमान राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के हवाले करने के अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के फैसले से समाजवादी पार्टी (SP) में व्याप्त असंतोष का फायदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलने की संभावना है। दरअसल,पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा-रालोद गठबंधन को चुनाव में जीत की गारंटी माना जा रहा था लेकिन सपा नेतृत्व ने रालोद के समक्ष एक तरह से समर्पण कर 38 सीटें उसके लिए चुनाव लड़ने को छोड़ी है। इस फैसले से सपा के ताकतवर और जिताऊ उम्मीदवार सकते में हैं। उनमें से कई ऐसे हैं जन्हिें खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया था।