पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। यूपी के कानपुर में सोमवार रात पारा शून्य पर पहुंच गया। जबकि एक दिन पहले न्यूनतम पारा 1.6 दर्ज किया गया था।

कानपुर (Uttar Pradesh). पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। यूपी के कानपुर में सोमवार रात पारा शून्य पर पहुंच गया। जबकि एक दिन पहले न्यूनतम पारा 1.6 दर्ज किया गया था। बता दें, ठंड की वजह से कानपुर में अबतक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। यूपी में करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है।

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गलन से दिमाग की नसें सिकुड़ रही
सोमवार को कानपुर और औरैया में न्यूनतम पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कन्नौज व इटावा में पारा 02 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, सर्दी का सितम अभी जारी रहेगा। नए साल पर कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। इस कड़कड़ाती ठंड में कोल्ड डायरिया, ब्रेन स्ट्रोक, हार्टअटैक की चपेट से हो रही मौतों की संख्या भी बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, गलन से दिल दिमाग की नसें सिकुड़ रही। ब्रेन स्ट्रोक भी सबसे बड़ी समस्या है।

वाराणसी में टूटा 57 साल का रिकॉर्ड
वहीं, वाराणसी में ठंड रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गई है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो काशी में 57 साल बाद ठंड का तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। 31 दिसंबर 1962 को बनारस का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बीच ठंड का असर श्मशान घाट पर भी दिखाई दिया। जहां शवों को जलाने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थी।