लखनऊ(Uttar Pradesh). कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी चीजों पर पाबंदी है। लोगों के घरों से निकलने पर भी पाबंदी लगाई गई है। यूपी को तीन जोन में बांटने के बाद 4 मई से ग्रीन जोन व आरेंज जोन में कुछ छूट भी दी गई है। लेकिन इन सब के बीच सरकार ने शराब की दुकानों से पाबंदी हटा दी। सरकार ने राजस्व में वृद्धि के लिए शराब की दुकानों को खोलने की आदेश दे दिया। शराब की दुकाने खुलते ही इसके शौकीनों की लाइन लग गई और कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। इन सब मुद्दों को लेकर Asianet News Hindi ने कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता व विधायक आराधना मिश्रा से बात किया।

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा है कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की दुकाने खोलने का का किया है। राजस्व बढ़ाने के लिए किया गया काम कोरोना वायरस जैसी महामारी के संक्रमण काल में काफी हानिकारक साबित हो सकता है। 40 दिन तक शराब की दुकाने बंद दी उसे बाद लॉकडाउन के दौरान अचानक से ये दुकाने खोलने पर पूरे प्रदेश में बेकाबू भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही किया। शराब की दुकानों पर खूब भीड़ इकट्ठा हुई। सवाल ये है कि अगर इस भीड़ में कोई व्यक्ति संक्रमित रहा होगा तो ये संक्रमण कितनों को अपनी चपेट में लेगा इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है।

लॉकडाउन का पालन करवाने वाली पुलिस चलवा रही ठेके
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने कहा है कि " जो पुलिस कल तक लॉकडाउन का पालन करवाने में लगी थी उसी पुलिस को अब शराब की दुकानों में बिक्री करवाने में लगा दिया गया है। उन्हें लगा दिया गया है कि शराब की दुकानों में आने वाली ग्राहकों की भीड़ से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाइए। पुलिस का काम है लॉ एंड आर्डर मेंटेन करना। लेकिन अब पुलिस को लगा दिया गया है शराब के ठेके चलवाने में। ये बेहद दुखद है।"

जब संक्रमण बढ़ने की संभावनाएं और बढ़ी तो खत्म कर दिया प्रतिबंध 
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि "इस समय बाहर से लोग आने लगे हैं। ये सबसे महत्वपूर्ण समय है जब इस संक्रमण को रोकने के लिए सबसे प्रभावी कदम की आवश्यकता थी। एक तरफ प्रधानमन्त्री जी कहते हैं शराब नही पीना चाहिए दूसरी ओर शराब की दुकानों से प्रतिबंध हटा लिया जाता है ये बात समझ के परे है। सरकार को अगर राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की दुकाने खोलने के जरूरत समझ आई तो पूरी तैयारियों के साथ ये कदम उठाना चाहिए था। ताकि किसी भी हालत में संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। लेकिन सरकार ने पान-मसाला और शराब से प्रतिबंध हटाकर जो निर्णय लिया है वो सही नहीं लग रहा है।"

खुद बीजेपी के लोग कर रहे विरोध 
कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि "सरकार की नीतियों का विरोध खुद उनकी ही पार्टी के लोग कर रहे हैं। ये ऐसा संकट काल पूरे देश में चल रहा है कि विपक्ष भी कुछ बोलने से नजरअंदाज कर रहा है । ऐसे में सरकार के ही लोग अगर अपनी ही सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं तो इसका अनुमान स्वतः लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसले कितने सही हैं। पिछले 15 दिन में देखा जाए तो तीन बीजेपी विधायकों का भी आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। सूबे में बीजेपी की सरकार है ऐसे में उनके नेता कैसी बयानबाजी आकर रहे हैं इस पर बीजेपी को सोचना चाहिए।"