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सीसीटीवी कैमरा और ड्रोन के सहारे हो रही उपद्रवियों की पहचान, कानपुर में 15 हजार लोगों पर केस

वीडियोग्राफी व आइटीएमएस के कैमरों की मदद से बाकी उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। उपद्रवियों के खिलाफ रासुका की भी कार्रवाई की जाएगी।

dentification of miscreants using CC camera and drone, case against 15,000 people in Kanpur
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Kanpur, First Published Dec 21, 2019, 1:04 PM IST
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कानपुर (उत्तर प्रदेश) । नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बिना अनुमति जुलूस निकालकर बवाल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस वीडियोग्राफी, सीसीकैमरे और ड्रोन के सहारे उपद्रवियों की पहचान कर रही है। साथ ही बाबूपुरवा, चमनगंज, बेकनगंज, ग्वालटोली, कर्नलगंज, कोतवाली, अनवरगंज, फीलखाना और नौबस्ता थानों में 15 हजार से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया है। इन इलाकों में जगह-जगह 7500 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

3 हजार लोगों पर हत्या के प्रयास का केस
बाबूपुरवा में सीओ, दारोगा और सिपाहियों के घायल होने के बाद करीब 3000 लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। ग्वालटोली में भी 100 व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। 

उपद्रवियों पर होगी रासुका की कार्रवाई
मुकदमें दर्ज किए जाने के साथ ही 40 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। वीडियोग्राफी व आइटीएमएस के कैमरों की मदद से बाकी उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। उपद्रवियों के खिलाफ रासुका की भी कार्रवाई की जाएगी।


ड्रोन से ली गई उपद्रवियों की तस्वीर
पुलिस का कहना है कि जहां-जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनकी फुटेज निकलवाई जा रही है। साथ ही वीडियोग्राफी व ड्रोन कैमरों की मदद से बनाई गई फुटेज के जरिए भी आरोपितों की पहचान की जाएगी।

जालौन से भेजे गए 300 पुलिस कर्मी
अब मौजूदा हालातों के बाद शासन ने एक डीआइजी और एक एसपी भेजने का फैसला लिया है। इसके अलावा दो कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएफ भी बढ़ा दी गई है। साथ ही जालौन से पुलिस के 300 जवानों को भी कानपुर भेजा गया है। इस तरह अब शहर में आठ कंपनी पीएसी, चार कंपनी आरएएफ और लगभग छह हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

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