मुख्यमंत्री ने माफिया से जब्त की गई जमीन पर गरीबों और दलितों के लिए घर बनाने का वादा किया था। इसकी शुरुआत प्रयागराज से सरकार करने जा रही है। सरकार ने पूरे प्रदेश से अब तक 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति माफियाओं से जब्त की है। 

प्रयागराज: संगमनगरी प्रयागराज में माफ़िया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) के कब्जे से मुक्त सरकारी जमीन पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भूमि पूजन करके आवासीय योजना (PM Awasiya Yojana) की आधारशिला रखी। आवासीय योजना के तहत करीब 75 फ्लैट के निर्माण होगा। ये फ्लैट गरीबों को बेहद ही सस्ते दामों में उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने माफिया से जब्त की गई जमीन पर गरीबों और दलितों के लिए घर बनाने का वादा किया था। इसकी शुरुआत प्रयागराज से सरकार करने जा रही है। सरकार ने पूरे प्रदेश से अब तक 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति माफियाओं से जब्त की है।

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भगवा रंग से रंगी बाउंड्री
मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह (Siddharth Nath Singh) ने बताया था कि जिस भूमि को माफिया अतीक अहमद के कब्जे से खाली कराया गया है, उस पर हजारों समाजवादी पार्टी के झंडे लगे थे। उन्हें जला दिया गया है और जमीन की बाउंड्री को भगवा रंग दिया गया है। उन्होंने कहा है कि योगीराज में रामराज आया है और माफिया राज खत्म हुआ है। सीएम योगी का शिलान्यास करना लोगों के लिए संदेश है कि जब सही लड़ाई आम आदमी के लिए माफिया और गुंडों के खिलाफ लड़ी जाती है तो सत्य की जीत होती है। 

खाली जमीन पर बनाए जा रहे 75 फ्लैट 
माफिया अतीक अहमद से खाली कराई गई जमीन पर 458.88 लाख की लागत से 75 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। यह चार मंजिला बिल्डिंग होगी जिसमें स्टिल पार्किंग, कम्युनिटी हाल और सोलर लाइट भी लगी होंगी। यह बिल्डिंग पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग होगी। उनके मुताबिक करीब एक से डेढ़ वर्ष में यह बिल्डिंग पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी और इसके लाभार्थियों को दे दी जाएगी। एक फ्लैट की लागत साढ़े छह लाख आएगी। जिसमें से डेढ़ लाख भारत सरकार अनुदान देगी। जबकि एक लाख का अनुदान राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। शेष 3.50 लाख योजना में चयनित लाभार्थी को देना होगा।

कौन है अतीक अहमद
राज्य के बाहर की जेल में बंद अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी, जो कभी गैंगस्टर हुआ करते थे, आज वो अपने साम्राज्य के विनाश के मूक दर्शक बने हुए हैं। योगी सरकार ने अतीक अहमद और उसके सहयोगियों से जुड़े लोगों के बंदूक लाइसेंस रद्द कर दिए थे। साथ ही आज उसके सहयोगी पुलिस की रडार पर हैं और उनकी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। दरअसल, अतीक अहमद (60) ने साल 1979 में एक हत्या कर अपराध की दुनिया में अपना कदम रखा था। इसके बाद देखते ही देखते वो अपराध की दुनिया में लगातार खूंखार होता गया। प्रदेश में उसके अपराध की सलतनत को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का साथ मिला। वो बिना किसी खौफ के अजेय राजा की तरह जिंदगी जी रहा था। पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद के खिलाफ अब तक कुल 96 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसमें हत्या, अपहरण, अवैध खनन, रंगदारी, धमकी और धोखाधड़ी समेत कई मामले हैं और इन मामलों में वो नामजद भी है।