गैगेस्टर विकास दुबे को पुलिस दबिश की जानकारी काफी पहले हो चुकी थी। उसे शक था कि कहीं पुलिस एनकाउंटर करके उनको मार न दे, इसलिए उसने गुरुवार को ही अपने कई परिचितों को घर पर हथियारों के साथ बुला लिया था। जांच कर रही पुलिस ने आरोपी विकास दुबे के जानने वाले असलहाधारी लोगों के यहां छापेमारी की है। हालांकि ज्यादातर लोग फरार हैं। 

कानपुर (Kanpur) ।  कानपुर मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मियों की मौत के जिम्मेदार कुख्यात अपराधी विकास दुबे की जानकारी जो देगा, उसे अब 50 हजार रुपये नहीं एक लाख का इनाम दिया जाएगा। पुलिस ने इस अपराधी पर इनाम डबल कर दिया है। वहीं, जांच में ये बातें सामने आ रही है कि गैंगस्टर विकास दुबे कानपुर गोलीकांड के बाद अपने साथियों के साथ इनोवा कार से फरार हो गया था। हालांकि यूपी पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी रही है। उसके खिलाफ 50 हजार का इनाम भी जारी किया गया है। बता दें कि इस मामले में कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

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घटना के बाद पांच लोगों के साथ करीबी के घर गया था विकास
विकास दुबे घटना के बाद कानपुर देहात में ही अपने करीबी के यहां इनोवा कार से 5 लोगों के साथ पहुंचा था। विकास अपने इस करीबी और उसके परिवार के सभी सदस्यों के फोन को स्विच ऑफ कराकर अपने साथ ले गया। वह अपने करीबी के घर पर कुछ देर रुकने के बाद निकल गया था। 

सोशल मीडिया पर विरोध करने वालों पर केस दर्ज
फेसबुक पर विकास दुबे के पक्ष में और पुलिसकर्मियों की हत्या को सही ठहराने वालों पर ये केस दर्ज हुआ है। ये केस कानपुर के फजलगंज थाने में दर्ज हुई है। इस बीच, ये भी खबर आ रही है कि कानपुर में दबिश की खबर मिलने पर विकास दुबे ने पुलिस को धमकी भिजवाई थी।

एनकाउंटर में मारे जाने का था डर
गैगेस्टर विकास दुबे को पुलिस दबिश की जानकारी काफी पहले हो चुकी थी। उसे शक था कि कहीं पुलिस एनकाउंटर करके उनको मार न दे, इसलिए उसने गुरुवार को ही अपने कई परिचितों को घर पर हथियारों के साथ बुला लिया था। जांच कर रही पुलिस ने आरोपी विकास दुबे के जानने वाले असलहाधारी लोगों के यहां छापेमारी की है। हालांकि ज्यादातर लोग फरार हैं।