प्रदेश सरकार हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज खोलने की योजना को अब तेजी से अमली जामा पहनाएगी। आपको बताते चले कि अभी तक महाराजगंज व संभल में निजी संस्था को पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज खोलने की हरी झंडी दी जा चुकी है। बाकी जिलों के लिए 21 आवेदन मिल चुके हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) लगातार अपने बीते कार्यकाल के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जोर देती हुई नजर आ रही थी। इसी की चलते अब अपने नए कार्यकाल में भी प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में जल्द पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर मेडिकल कालेज खोलने की तैयारी में है। आपको बता दें कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज खोलने के लिए जिन जिलो की सूची तैयार की गई है। उन जिलों में न तो कोई सरकारी मेडिकल कालेज है और न ही प्राइवेट मेडिकल कालेज। 

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प्रदेश सरकार हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज खोलने की योजना को अब तेजी से अमली जामा पहनाएगी। आपको बताते चले कि अभी तक महाराजगंज व संभल में निजी संस्था को पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज खोलने की हरी झंडी दी जा चुकी है। बाकी जिलों के लिए 21 आवेदन मिल चुके हैं।

16 जिलों में खोले जाएंगे मेडिकल कालेज
प्रदेश में जिन जिलों में पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज खोले जाने हैं उनमें महाराजगंज व संभल के साथ-साथ बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, रामपुर, संत कबीर नगर, शामली व श्रावस्ती शामिल हैं। फिलहाल इन जिलों में मेडिकल कालेज खोले जाने के कारण यहां रहने वाले लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर दौड़ नहीं लगानी होगी। जिन दो जिलों में मेडिकल कालेज खोलने की अनुमति अब तक दी जा चुकी है, वह न्यूनतम सौ-सौ बेड के होंगे। निजी संस्थाओं को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

आयुष्मान कार्ड धारक का होगा निशुल्क इलाज
जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज बनाए जा सकते हैं। सरकारी जमीन पर निजी संस्था मेडिकल कालेज बना सकती हैं या फिर वह खुद की जमीन पर मेडिकल कालेज का निर्माण कर सकती हैं। उन्हें कुछ मरीजों का इलाज सरकारी मेडिकल कालेजों की तरह सस्ते दर पर करना होगा। आयुष्मान कार्ड धारक परिवार के लोगों का निशुल्क इलाज करना होगा। फिलहाल ज्यादा से ज्यादा निजी संस्थाओं को आमंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।