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अब प्रवासी मजदूरों ने की पानी की लूट, रेलवे प्रशासन ले रहा ये एक्शन

डीडीयू रेल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर पंकज सक्सेना ने कहा कि 'उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक लूट के वक्त पानी सप्लाई हुआ था। स्टोर में भेजने के लिए गाड़ियों के संचालन को नहीं रोका जा सकता था।

Now migrant laborers plunder water, railway administration is taking this action asa
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Chandauli, First Published May 24, 2020, 9:05 AM IST
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चंदौली ( Uttar Pradesh) । दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को सरकार उनके घर भेज रही है। इसके लिए सरकार श्रमिक स्पेशल ट्रेन तक चला रही है। लेकिन, इन ट्रेनों में सवार श्रमिकों को खाने-पीने के सामानों को लेकर दिक्कत आ रही है। शायद यही वजह है कि उन्हें लंच पैकेट और पानी तक के लिए इन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। ताजा मामला पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से सामने आया है। डीडीयू जंक्शन पर सूरत से मुंगेर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने स्टेशन पर रखे पानी की बोतलों को लूटते देखा गया है। यहां शनिवार को ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकते ही सैकड़ों की तादाद में मजदूर पानी की बोतलों पर टूट पड़े और लूटना शुरू कर दिए। 

यह है पूरा मामला
सूरत से मुंगेर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी। तभी, श्रमिकों की नजर प्लेटफार्म पर खुले में रखे पानी के बोतलों पर पड़ी, जिसके बाद वे अपनी बोगियों से उतरकर उसे लूटने लगे। हालांकि इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। जिसके मुताबिक जिस श्रमिक के हाथ में जितनी बोतलें आ रहीं थीं, उतना ही लेकर वह भाग रहा था।

रोज होती है 50 हजार बोतल पानी की सप्लाई
रेलवे प्रशासन के मुताबिक इस स्टेशन पर 40 से 50 हजार बोतल हर दिन सप्लाई किया जाता है। करीब-करीब 25 से 30 हजार लोगों को खाना सप्लाई किया जाता है। रेलवे प्रशासन का यह भी दावा है कि 99.9 फीसदी लोग यहां के इंतजाम से संतुष्ट हैं। इस मामले में ज्यादा जानकारी के लिए जांच गठित की गई है, जिससे दोबारा ऐसी घटना न दोहराई जा सके।

जांच में ये बातें आईं सामने
डीडीयू रेल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर पंकज सक्सेना ने कहा कि 'उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक लूट के वक्त पानी सप्लाई हुआ था। स्टोर में भेजने के लिए गाड़ियों के संचालन को नहीं रोका जा सकता था। यह गंभीर मामला नहीं है, लेकिन भविष्य में इसका दोहराव न होने पाए, इस पर विचार किया जाएगा।

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