लखनऊ(Uttar Pradesh). यूपी में बसों पर चल रही सियासत के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक वीडियो बयान जारी किया है । प्रियंका ने वीडियो में सीएम योगी से मांग की है कि वह चाहें तो अपनी पार्टी के नाम से बसों को चलवा सकते हैं । भाजपा का झंडा बैनर लगा सकते हैं लेकिन वो इन बसों को चलने की अनुमति दें । ताकि पैदल आ रहे प्रवासी श्रमिकों की मदद की सके। प्रियंका गांधी ने कहा कि हमारा मकसद केवल सेवा भाव था लेकिन यहां इस पर इतनी बड़ी सियासत शुरू कर दी गई। सकारात्मक सोच के साथ ये साथ चलने का समय था । उन्होंने कहा कि इस समय पहली प्राथमिकता श्रमिक भाइयों की मदद होनी चाहिए थी।

यूपी में बसों पर चल रही सियासत जारी है । कांग्रेस के अनुसार उनकी बसें गाजियाबाद और राजस्थान के बॉर्डर पर खड़ी हैं लेकिन यूपी पुलिस उन्हें अंदर आने की परमीशन दे रही है। ऐसे में श्रमिक भाइयों की मदद नही हो पा रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि सरकार को इन बसों को चलने की परमीशन देनी चाहिए। अगर सरकार इन बसों को चलने की परमीशन दे देती तो अभी तक हम 72 हजार से अधिक मजदूरों को उनके घर पहुंचा चुके होते। चार दिन से हमारी बसें खड़ी हैं । सरकार या तो इन्हें चलने की परमीशन नहीं तो बातें स्पष्ट करे. हम उन बसों को वापस भेज दें ।

अभी तक हम कर चुके 67 लाख लोगों की मदद: प्रियंका 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि जब से देश में कोरोना संकट शुरू हुआ तब से कांग्रेस का बड़ा से बड़ा नेता और कार्यकर्ता जरूरतमंदों की सेवा में लगा हुआ है । अभी तक हम तकरीबन 67 लाख लोगों की मदद कर चुके हैं । उनमे से 60 लाख लोग यूपी में ही हैं । हम उन्हें खाने-पीने के सामान और उनकी जरूरत की चीजें उपलब्ध करवा रहे हैं । ये सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक लोग इस महामारी में परेशान हैं ।

राष्ट्र निर्माता संकट में है उनकी मदद सबकी जिम्मेदारी: प्रियंका 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि इस समय राष्ट्र के निर्माता मजदूर संकट में हैं । जिन्होंने अपने खून पसीने की इस देश को खड़ा किया है उनके मदद की जिम्मेदारी हमारी है आपकी है इस सरकार की है । ये समय राजनीति करने का नही है बल्कि कदम से कदम मिलाकर उनकी मदद करने का है । हम व हमारी पार्टी लगातार यही प्रयास कर रहे हैं ।

जहां सीएम ने अच्छा किया हमने की तारीफ
प्रियंका गांधी ने कहा कि हमारी सोच बिलकुल सकारात्मक है । यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां भी अच्छा काम किया हमने उनकी तारीफ़ भी की है । सकारात्मक भाव से ही हमने उन्हें सुझाव दिये और बसें देने की मंशा भी जाहिर की । लेकिन पहले उन्होंने साफ़ मना कर दिया कि सरकार के पास पर्याप्त संसाधन हैं आपकी बसों की आवश्यकता नही है । जिसके बाद हमने बसों को वापस भेज दिया । लेकिन एक दिन बाद उनकी ओर से एक पत्र आया जिसमे बसों की लिस्ट मांगी गई थी । जिसके बाद हमने बसों को वापस बुलवाया और अब फिर से उन्हें अंदर आने के लिए परमीशन नही दी जा रही है ।