CAA लेकर हुई हिंसा में राजनैतिक सरगर्मियां भी तेज होती दिख रही हैं। मेरठ में हिंसा के दौरान मारे गए चार लोगों के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व सांसद राहुल गांधी को मेरठ पुलिस ने बॉर्डर से वापस लौटा दिया । 

मेरठ(Uttar Pradesh ). CAA लेकर हुई हिंसा में राजनैतिक सरगर्मियां भी तेज होती दिख रही हैं। मेरठ में हिंसा के दौरान मारे गए चार लोगों के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व सांसद राहुल गांधी को मेरठ पुलिस ने बॉर्डर से वापस लौटा दिया । 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बता दें कि यूपी में बीते सप्ताह CAA और NRC के विरोध को लेकर जबरदस्त हिंसा भड़की थी। सूबे के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की थी। हिंसा में अलग-अलग जिलों में 15 से अधिक लोगों की मौत भी हो गई थी। इस हिंसा में मेरठ सहित सूबे के अन्य जिलों में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा था। मामले तकरीबन 1000 लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हुए थे। जांच में प्रतिबंधित संगठन सिमी की लघु इकाई पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया(PFI) की भूमिका सामने आई थी। पुलिस ने PFI संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत तीन पदाधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है। 

मृतकों के परिजनों से करने जा रहे थे मुलाकात 

मेरठ के कांग्रेस नेताओं की माने तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मंगलवार को मेरठ पहुंचकर नागरिकता कानून के विरोध में हुए बवाल में मारे गए आसिफ पुत्र शाहिद निवासी ऊंचा सद्दीक नगर, जहीर पुत्र मुंशी निवासी रशीदनगर, मोहसिन पुत्र अहसान निवासी भूमिया का पुल के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बात की और कहा- हमारे पास कोई भी नोटिस नहीं है इसलिए हम एंट्री नहीं देंगे । जिसके बाद दोनों नेता वहां से वापस लौट गए। 

इससे पहले बिजनौर भी पहुंची थीं प्रियंका 
इससे पहले रविवार को प्रियंका गांधी बिजनौर भी पहुंची थीं। जहां उन्होंने नहटौर में नागरिकता कानून के विरोध में हुए बवाल में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिजनों को ढांढस बंधाया और घायल व उनके परिजनों से बवाल की जानकारी ली थी। प्रियंका वाड्रा कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार शाम करीब साढ़े तीन बजे नहटौर पहुंचीं थीं ।