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रामलला को नए मंदिर में ले जाने को अनुष्ठान शुरू, 9.500 kg चांदी के सिंहासन पर होंगे 25 मार्च को विराजमान

अयोध्या में आज से वैदिक विद्वान रामलला को शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन और अनुष्ठान कर रहे हैं। अनुष्ठान मात्र दो दिन ही चलेगा। इसके बाद 25 मार्च को सुबह रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। शिफ्टिंग 15 वैदिक विद्वान कराएंगे। यह वैदिक विद्वान दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के होंगे। 

Rituals to take Ramlala to new temple begin, 9.500 kg silver throne to be enshrined on March 25 asa
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Ayodhya, First Published Mar 23, 2020, 5:08 PM IST
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अयोध्या (Uttar Pradesh)। भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी के बीच रामलला को अस्थाई गर्भगृह में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। 25 मार्च की सुबह 4:30 बजे रामलला को विधि-विधान पूर्वक नए अस्थाई बुलेटप्रूफ मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। रामलला 9 किलो 500 ग्राम चांदी से निर्मित चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। इसे श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी एवं अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने दान स्वरूप अर्पित किया है। बताया जा रहा है कि रामलला को जिस रास्ते से पुराने घर से नए घर में ले जाना है उस रास्ते का भी शुद्धि करण कराया जाएगा।

जयपुर के कलाकारों ने किया है तैयार
9 किलो 500 ग्राम चांदी से निर्मित सिंहासन जयपुर के विशेषज्ञ कलाकारों ने राज सदन में कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार किया है। वहीं, अब 25 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीदें कम है। अब सिर्फ वैदिक विद्वानों के साथ ट्रस्ट के पदाधिकारी रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर देंगे।

दो दिन चलेगा अनुष्ठान
अयोध्या में आज से वैदिक विद्वान रामलला को शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन और अनुष्ठान कर रहे हैं। अनुष्ठान मात्र दो दिन ही चलेगा। इसके बाद 25 मार्च को सुबह रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। शिफ्टिंग 15 वैदिक विद्वान कराएंगे। यह वैदिक विद्वान दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के होंगे। 

30 अप्रैल को हो सकता है भूमि पूजन
रामलला को शिफ्ट करने के बाद यहां पर भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन का समतलीकरण शुरू हो जाएगा। अब अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भूमि पूजन भी किया जा सकता है। यहां पर चार अप्रैल को अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाना है।

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