मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के स्वरूप पर हालांकि कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि ट्रस्ट 11 सदस्यीय हो सकता है। इसमें सरकारी प्रतिनिधि के तौक पर अयोध्या के डीएम या फैजाबाद के कमिश्नर को स्थान दिया जाएगा।

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) । राम मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों को देखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष डेस्क बनाई गई है। मंत्रालय ने इसका नाम अयोध्या डेस्क रखा है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी 31 दिसंबर के आदेश के मुताबिक अयोध्या डेस्क, तीन सदस्यीय होगी। खबर है कि एक अतिरिक्त सचिव को इसका प्रमुख बनाया गया है। बता दें कि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने में ट्रस्ट का गठन किए जाने के आदेश दिया था। 

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इस तरह के मामलों को देखेगी अयोध्या डेस्क
-डेस्क सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने संबंधित मामलों को देखेगी।
-मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन संबंधित मामलों को देखेगी।
-ट्रस्ट को जमीन का मालिकाना हक ट्रांसफर करने संबंधित मामलों को देखेगी।

इन्हें सौंपा गया अयोध्या डेस्क का काम
-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विभाग के प्रमुख अतिरिक्त सचिव
-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विभाग के ही संयुक्त सचिव
-राष्ट्रीय एकता विभाग के उप सचिव 

ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं ये 11 लोग
मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के स्वरूप पर हालांकि कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि ट्रस्ट 11 सदस्यीय हो सकता है। इसमें सरकारी प्रतिनिधि के तौक पर अयोध्या के डीएम या फैजाबाद के कमिश्नर को स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के एक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है।