लॉकडाउन में नौकरी जाने और आर्थिक तंगी से परेशान एक शख्स ने बीवी के सामने ही दरवाजा बंद कर फांसी लगा कर जान दे दी। पति की मौत से दुखी पत्नी ने भी रिश्तेदारों को फोन कर घटना की जानकारी दी लेकिन जब तक रिश्तेदार पहुंचते उसके पहले उसने भी पंखे में फंदे से लटककर जान दे दी

कानपुर(Uttar Pradesh). यूपी के कानपुर में दिल को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। यहां लॉकडाउन में नौकरी जाने और आर्थिक तंगी से परेशान एक शख्स ने बीवी के सामने ही दरवाजा बंद कर फांसी लगा कर जान दे दी। पति की मौत से दुखी पत्नी ने भी रिश्तेदारों को फोन कर घटना की जानकारी दी लेकिन जबतक रिश्तेदार पहुंचते उसके पहले उसने भी पंखे में फंदे से लटककर जान दे दी। इन सब के बीच उन दोनों का 1 साल का बेटा फर्श पर पड़ा मां को मरते देखता रहा और रोता रहा। रिश्तेदार जब घर पहुंचे तब पुलिस को सूचना दी गई। दोनों शवों को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने के साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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मूलरूप से कानपुर के बर्रा इलाके के निवासी सिक्योरिटी गार्ड राजेन्द्र वर्मा पिछले 4 साल से न्यू आजाद नगर के राजीव नगर में अरुण तिवारी के मकान में किराये पर रह रहे हैं। राजेन्द्र के मुताबिक 35 वर्षीय बेटा प्रिंस तीन वर्ष पहले लखनऊ में एक कंपनी में काम करता था, जहां देवरिया रुद्रपुर निवासी जवाहरलाल की बेटी चंद्रिका भी काम करती थी। दो वर्ष पहले दोनों ने वहीं कोर्ट में प्रेम विवाह कर लिया था। विवाह के बाद प्रिंस पत्नी के साथ राजीव नगर में परिवार संग रहने लगा था। 25 जुलाई 2018 को दोनों का धूमधाम से विवाह कराया गया था। उनके एक साल का बेटा शौर्य है। पिता ने बताया कि लॉकडाउन के बाद उसकी नौकरी छूट गई थी। जिसके बाद से खर्चों को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। शुक्रवार रात दोनों के बीच काफी विवाद हुआ था।

रोज-रोज के झगड़ों से आजिज आकर लगाया मौत को गले 
राजेन्द्र के मुताबिक शनिवार सुबह वह ड्यूटी पर चले गए थे और पत्नी राजेश्वरी बेटी शालू संग देवकीनगर स्थित अपनी बहन कमला के घर गई थी। मकान मालिक अरुण भी परिवार संग रिश्तेदारी में गए हुए थे। घर में बेटे बहू थे। शनिवार दोपहर दोनों में फिर झगड़ा हुआ, जिसके बाद प्रिंस ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। पति को फंदे पर लटका देख चंद्रिका ने मौसी कमला के बेटे सतेंद्र व अनिल को फोन करके घटना की जानकारी देते हुए खुद फांसी लगाने की बात कही। इसके बाद चंद्रिका ने बेटे शौर्य को कमरे के बाहर फर्श पर बैठाया और दूसरे कमरे में पंखे के सहारे फंदे से लटककर फांसी लगा ली।

परिजन पहुंचे तो फंदे से लटक रहे थे बहू बेटे के शव 
बहू चंद्रिका के फोन करते ही मौसी कमला अपने बेटे अनिल के संग आनन-फानन में उनके घर पहुंची। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी .कमला मौके पर पहुंचीं तो 1 साल का बेटा शौर्य फर्श पर पड़ा रो रहा था। चंद्रिका के कमरे का दरवाजा खुला था और प्रिंस के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना पर पहुंचे पिता ने रिश्तेदारों की मदद से दीवार की ईंट तोड़कर दरवाजे की कुंडी खोली। दोनों को फंदे से उतारकर 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह ने बताया कि पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।