बिजनौर कोर्टरूम की घटना के बाद से उन्नाव रेप पीड़िता को जिंदा जलाकर हत्या मामले में जेल में बंद पांचों आरोपियों को अपनी जान का डर सता रहा है। उनके वकील ने कोर्ट से पुलिस कस्टडी रिमांड को अस्वीकार करने की अपील की। जिसे कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया।

उन्नाव (Uttar Pradesh). बिजनौर कोर्टरूम की घटना के बाद से उन्नाव रेप पीड़िता को जिंदा जलाकर हत्या मामले में जेल में बंद पांचों आरोपियों को अपनी जान का डर सता रहा है। उनके वकील ने कोर्ट से पुलिस कस्टडी रिमांड को अस्वीकार करने की अपील की। जिसे कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया। बता दें, हाल ही में बिजनौर में कोर्टरूम में एक हत्यारोपी की जज के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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कोर्ट ने कहा, आरोपियों की सुरक्षा में नहीं होनी चाहिए चूक
दरअसल, बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान एसआईटी टीम के प्रभारी एसपी वीके पांडेय ने कोर्ट से आरोपियों की 3 दिन की रिमांड मांगी। उनका कहना था कि घटनाक्रम में कुछ बिंदु बाकी रह गए हैं, जिसको लेकर आरोपियों से पूछताछ करनी है। इसपर कोर्ट ने 19 दिसंबर रात 8 बजे तक की रिमांड स्वीकार कर ली। साथ ही कोर्ट ने कहा, आरोपियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। आरोपी पक्ष के वकील भी पुलिस के साथ रहेंगे।

क्या है पूरा मामला
उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 साल की गैंगरेप पीड़िता को गुरुवार तड़के (5 दिसंबर) रेलवे स्टेशन जाते समय रास्ते में 5 आरोपियों ने ​जिंदा जला दिया था। 90 फीसदी झुलस चुकी पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय पीड़िता के शव को दफनाया। पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।