9 जनवरी को बीजेपी लखनऊ में बड़ी रैली करने की तैयारी में हैं और इस रैली को पीएम मोदी संबोधित करेंगे। असल में पार्टी की सभी जन विश्वास यात्राएं खत्म हो जाएंगी और लखनऊ में रैली के जरिए पार्टी अपना औपचारिक रूप से चुनाव अभियान शुरू करेगी। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (vidhansabha chunav) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कोरोना (Corona) महामारी के संकट के बीच चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (Sushil Chandra) प्रदेश के दौरे पर पर आए थे। उन्होंने संकेत दिया था कि यूपी में चुनाव समय पर करा दिए जाएंगे। चुनाव आयुक्त ने कहा था कि चुनाव के मद्देनजर फाइनल वोटर लिस्ट 5 जनवरी को प्रकाशित कर दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पहली बार दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलट के जरिए घर से ही मतदान की व्यवस्था का भी ऐलान किया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी रैलियों को तेज कर दिया है और वहीं अब 9 जनवरी को बीजेपी लखनऊ (Lucknow) में बड़ी रैली करने की तैयारी में हैं और इस रैली को पीएम मोदी संबोधित करेंगे। असल में पार्टी की सभी जन विश्वास यात्राएं खत्म हो जाएंगी और लखनऊ में रैली के जरिए पार्टी अपना औपचारिक रूप से चुनाव अभियान शुरू करेगी। जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह के लखनऊ दौरे के बाद इसकी तारीख फाइनल कर दी गई है और अब पार्टी इसकी तैयारियों में जुट गई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

आदर्श आचार संहिता लागू होते ही रूक जाएंगे सरकारी कार्यक्रम
यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। जिससे सरकारी कार्यक्रमों पर रोक लग जाएगी। ऐसे में उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम बंद हो जाएंगे। साथ ही, प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों के तबादले भी चुनाव आयोग के दायरे में चले जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने तबादलों (transfers) को लेकर चुनावी राज्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से भी पिछले दिनों कई तबादले देखने को मिले हैं। नई योजनाओं को भी शुरू कराने पर रोक लग जाएगी। ऐसे में सरकार की ओर से तेजी में योजनाओं को शुरू कराकर वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश भी चल रही है।

छूटे हुए वोटर का नाम वोटर लिस्ट में हो जाएगा अपडेट
चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद इसके अपडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अगर किसी मतदाता का नाम गलती से छूट गया होगा या नाम नहीं जुड़ा होगा तो वोटर इस लिस्ट के आधार पर दावा-आपत्ति कर सकेंगे। प्रदेश में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 14.05 करोड़ वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए गए थे। इस चुनाव में करीब 15 करोड़ वोटरों के चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने की उम्मीद है। प्रदेश में अब तक करीब 52.80 लाख नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गए हैं। इसमें महिला वोटरों की संख्या 28.86 लाख है। पहली बार करीब 19.89 हजार मतदाता वोटिंग अधिकार का प्रयोग करेंगे।

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बढ़ाए गए मतदान केंद्र
यूपी चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए मतदान केंद्रों पर भीड़ जैसी स्थिति न बनने देने का निर्णय लिया गया है। चुनाव आयोग ने इसके लिए मतदान केंद्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बूथ पर वोटरों की औसत संख्या 1500 रखी गई थी, जिसे इस बार घटाकर 1250 कर दी गई है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी राज्य के लगातार दौरे पर रहे हैं। पीएम मोदी पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड और रूहेलखंड से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में चुनावी रैली कर चुके हैं और वह पिछले दो महीने से राज्य में सक्रिय हैं। जिसको लेकर बीजेपी काफी उत्साहित है। हालांकि पिछले दिनों पीएम मोदी लखनऊ के दौरे पर थे। लेकिन उन्होंने कोई चुनावी रैली को संबोधित नहीं किया। जबकि 28 दिसंबर को वह कानपुर पहुंचे थे और जहां उन्होंने कानपुर मेट्रो का उद्घाटन किया था। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी की पहली रैली नौ जनवरी को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में होगी।