राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिन के कानपुर दौरे पर हैं।  वहीं आज उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारिक संगठन का उद्देश्य केवल कुछ लोगों के हित के लिए कार्य करने का नहीं बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भागीदार बनने का होना चाहिए।

गोरखपुर: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को ‘मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश’ के 90 वें वर्ष के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश महिला सशक्तीकरण और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है।’’

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ये रहेगा राष्ट्रपति का पूरा कार्यक्रम
20 घंटों तक गोरखपुर में रहने के दौरान राष्ट्रपति गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद नौकायन पर भ्रमण करेंगे। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए गीता प्रेस, गोरखनाथ मंदिर एवं नौकायन पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम कराए गए हैं। राष्ट्रपति का काफिला दोपहर एयरपोर्ट से सर्किट हाउस पहुंच गया है। यहां वह विश्राम करेंगे और करीब 4.45 बजे गीता प्रेस के लिए रवाना होंगे। गीता प्रेस में होने वाले कार्यक्रम के मंच पर राष्ट्रपति, उनकी पत्नी, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति यहां मौजूद लोगों को 20 मिनट तक संबोधित भी करेंगे। शाम छह बजे तक यहां रहने के बाद गोरखनाथ मंदिर के लिए रवाना हो जाएंगे।

रामनाथ कोविंद गीता प्रेस पहुंचने वाले दूसरे राष्ट्रपति
गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर का भ्रमण भी करेंगे। राष्ट्रपति गोशाला भी जा सकते हैं और वहां लाइट एंड साउंड शो भी देखेंगे। गोरखनाथ मंदिर में करीब एक घंटे का समय बिताने के बाद वह सर्किट हाउस के लिए रवाना हो जाएंगे। बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति हैं जो गीता प्रेस जाएंगे। इससे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 67 साल पहले गीता प्रेस आ चुके हैं।

गीता प्रेस प्रबंधन के मुताबिक, 29 अप्रैल 1955 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद गीता प्रेस आए थे। और गीता प्रेस में स्थित विश्व प्रसिद्ध लीला चित्र मंदिर और गीता प्रेस के मुख्य द्वार का उन्होंने लोकार्पण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि धर्म के प्रचार प्रसार में गीता प्रेस का महत्वपूर्ण योगदान है। साथ ही उन्होंने लीला चित्र मंदिर और मुख्यद्वार की खूब प्रशंसा की थी।

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