लखनऊ(Uttar Pradesh). कानपुर के हिस्ट्रीशीटर व 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में आने वाले गुरूवार तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। वहीं इस मामले के आगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की डेट तय की गई है। माना जा रहा है कि तेलंगाना एनकाउंटर की तरह ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर भी एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाले आयोग को जांच सौंप सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के मामले में अधिकारियों और सहयोगियों से इस मुठभेड़ को लेकर विस्तार से रिपोर्ट मांगी है। उत्तर प्रदेश की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि वह 16 जुलाई तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगे। इस कि अगली सुनवाई सोमवार को होगी और गुरुवार तक राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।

हत्या की जांच के लिए बना सकते हैं समिति 
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह विकास दुबे और उसके सहयोगियों की मुठभेड़ और गैंगस्टर के उत्तर प्रदेश में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की जांच के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति की नियुक्ति पर विचार कर सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 20 जुलाई को विकास दुबे और उसके सहयोगियों के मुठभेड़ों की अदालत से निगरानी की जांच की मांग पर सुनवाई करेगी। 

2 जुलाई को हुई थी 8 पुलिसकर्मियों की हत्या 
2 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसकी गैंग ने हमला कर दिया था। इसमें सीओ समेत 8 पुलिसवाले मारे गए थे। घटना के 7वें दिन 9 जुलाई को विकास को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया गया। अगले दिन कानपुर लाते वक्त उसका एनकाउंटर हो गया था।