बागपत के एक गांव के दो दर्जन से अधिक परिवारों ने पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पलायन की धमकी दी है। ग्रामीणों ने अपने घरों पर एक नोटिस चिपका दिया है, जिस पर लिखा है ये मकान बिकाऊ है

बागपत(Uttar Pradesh). बागपत के एक गांव के दो दर्जन से अधिक परिवारों ने पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पलायन की धमकी दी है। ग्रामीणों ने अपने घरों पर एक नोटिस चिपका दिया है, जिस पर लिखा है ये मकान बिकाऊ है। यही नहीं ग्रामीणों के साथ ही ग्राम प्रधान ने भी अपने घर पर ये नोटिस चिपका रखी है। जबकि पुलिस का कहना है कि प्रधान और उसके बेटे हिस्ट्रीशीटर हैं। जो पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के पोस्टर लगा रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले पुलिस ने मुठभेड़ के बाद प्रवीण राठी नाम का बदमाश गिरफ्तार किया था। उसी मुठभेड़ को फर्जी बताकर गांव वालों ने पोस्टर लगाकर पुलिस कार्यवाई का विरोध किया।

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मामला बागपत के दोघट थाना इलाके के टीकरी गांव का है। यहां ग्राम प्रधान सतबीर और उसके दो दर्जन से ज्यादा समर्थकों ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ के बोर्ड लगा दिये और पलायन की चेतावनी दी। प्रधान समेत ग्रामीणों का पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने प्रधान के बेटे प्रवीण को खेत से उठाकर फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसको जेल भेज दिया। जबकि पिछले 4 साल से प्रवीण पर कोई नया मुकदमा दर्ज नही हुआ है और ना ही वह किसी अपराधिक गतिविधि में शामिल रहा। लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसे जेल भेज दिया। पुलिस की इसी कार्यवाई का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

प्रधान और उसके बेटे का क्रिमिनल बैकग्राउंड- सीओ 
मामले में सीओ का कहना है कि पोस्टर चिपकाने वाले प्रधान का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। उसका एक बेटा एक लाख का ईनामी रह चुका है जिसकी मौत हो गयी। प्रधान के दूसरे बेटे पर 10 से ज्यादा मुकदमे हैं जिसे पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। लेकिन अब प्रधान पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है जिससे पुलिस दबाव मानने वाली नही है। बल्कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा।