सार
किसान के परिजनों ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश के पानी में डूबकर मसूर की फसल सड़ गई थी। इसके बाद अब गेहूं की फसल पककर खेत में खड़ी बर्बाद हो रही है। रामभवन दो दिन से फसल काटने के लिए गांव में मजदूर ढूंढ रहा था, मगर लॉकडाउन के कारण मजदूर नहीं मिल रहे थे।
बांदा (Uttar Pradesh) । कोरोना वायरस के संक्रमण के खौफ और लॉकडाउन के कारण गेहूं के फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इसी बीच आज हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। गेहूं की तैयार फसल काटने के लिए कथित रूप से मजदूर न मिलने से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव की है।
यह है पूरा मामला
किसान रामभवन शुक्ला (52) का शव शनिवार को गांव के बाहर एक पेड़ की डाल में फांसी के फंदे से लटकता पाया गया। जिसे देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इसके बाद आज पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
लॉक डाउन के कारण नहीं मिल रहे थे मजदूर
किसान के परिजनों ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश के पानी में डूबकर मसूर की फसल सड़ गई थी। इसके बाद अब गेहूं की फसल पककर खेत में खड़ी बर्बाद हो रही है। रामभवन दो दिन से फसल काटने के लिए गांव में मजदूर ढूंढ रहा था, मगर लॉकडाउन के कारण मजदूर नहीं मिल रहे थे।
मजदूर ढूंढने की बात कहकर घर से निकले थे रामभवन
परिजनों के मुताबिक रामभवन शनिवार को मजदूर ढूंढने की बात कहकर घर से निकला थे। संभवत: मजदूर न मिलने से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली है। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) लाल भरत कुमार पाल ने मीडिया को बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।