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UP बजट: 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पेश, रोजगार और प्लेसमेंट हब के लिए 1200 करोड़ की व्यवस्था

योगी सरकार ने मंगलवार को अपना चौथा और सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पढ़ा, इसमें 10 हजार 967 करोड़ की नई योजनाएं शामिल हैं। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने गीत गया- गैर परो से उड़ सकते हैं, हद से हद दीवारों तक, अंबर तक तो वही उड़ेंगे जिनके अपने पर होंगे।

yogi government budget 2020-2021 kpl
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Lucknow, First Published Feb 18, 2020, 10:41 AM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh ). योगी सरकार ने मंगलवार को अपना चौथा और सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पढ़ा, इसमें 10 हजार 967 करोड़ की नई योजनाएं शामिल हैं। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने गीत गया- गैर परो से उड़ सकते हैं, हद से हद दीवारों तक, अंबर तक तो वही उड़ेंगे जिनके अपने पर होंगे। बता दें, योगी सरकार ने 2019-20 में करीब पौने 5 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। उसके मुकाबले इस बार का बजट 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा है। वित्तमंत्री ने कहा, 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था। 2018-19 का बजट औद्योगिक विकास व 2019-20 महिला सशक्तीकरण करने वाला था। 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, संवर्धन और रोजगार को समर्पित है।

बजट में शामिल की गई नई योजनाएं

- सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालय
- प्रदेश में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित
- प्रयागराज मेला यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय

इन विभागों को मिला बजट

- पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 650 तथा आवासीय भवनों के के लिए 600 करोड़ रुपए
- नवसृजित जनपदों में आवासीय तथा आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए
- अग्निशमन केंद्र की आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए
- पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना के लिए 122 करोड रुपए
- विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण हेतु 60 करोड़
- सेफ सिटी लखनऊ योजना के लिए 97 करोड़ की व्यवस्था
- यूपी पुलिस और उनसे यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए 20 करोड़
- शहीद एवं घायल हुए पुलिसकर्मी के परिवार व कर्मचारियों को 27 करोड़ रुपए
- सेंट्रल विक्टिम कंपनसेशन फंड स्कीम के तहत एसिड अटैक, दुष्कर्म पीड़ित, मानव तस्करी अथवा हत्या के मामलों में आर्थिक सहायता के लिए 28 करोड़
- स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत 14 करोड़ साइबर क्राइम प्रिवेंशन अगेंस्ट विमेन एंड चिल्ड्रन के लिए

अयोध्या को भी बजट में किया गया शामिल 

- अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 85 करोड़ की व्यवस्था
- अयोध्या एयरपोर्ट के लिये 500 करोड़
- तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था
- वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ की व्यवस्था
- पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था
- गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये
- काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए एक हजार करोड़ की व्यवस्था
- निराश्रित महिला पेंशन की योजना 500 रुपए की धनराशि प्रतिमा सीधे लाभार्थियों के खाते में जा रही है इस योजना के अंतर्गत 1425 करोड़ की व्यवस्था
- वृद्ध एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास एवं जीवनयापन के लिए स्वाधार गृह योजना
- प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत 4000 करोड़ रुपए की व्यवस्था

समाज कल्याण और रोजगार के लिए 

- युवाओं के रोजगार सृजन और प्लेसमेंट हब के लिए 1200 करोड़
- वृद्धावस्था / किसान पेंशन योजना हेतु 1 हज़ार 459 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 1 हज़ार 251 करोड़ रुपए
- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपए
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपए
- पिछड़े वर्ग के छात्र छात्राओं हेतु छात्रवर्ती योजना के लिए 1 हज़ार 375 करोड़ रुपए

अल्पसंख्यक के लिए 

- प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के लिए 783 करोड़ रुपए
- मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए 479 करोड़ रुपए

न्याय व्यवस्था के लिए 

- पॉस्को एक्ट में न्याय दिलाने के लिए 218 न्यायालय गठित किए गए
- अब तक स्थापित महिलाओं के विरुद्ध अपराधिक कोर्ट की संख्या 81 है
- अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति की 25 कोर्ट तथा 13 कॉमर्शियल कोर्ट की स्थापना कराई गई
- निर्वाचित सांसदों विधायकों के लंबित आपराधिक वादों के लिए एक स्पेशल कोर्ट गठन किया गया
- 24 स्थाई लोक अदालत तथा 75 मोटर एक्सीडेंट क्लेम स्थापित किया गया है

दिव्यांगजन कल्याण के लिए

- दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 621 करोड़ रुपए
- सभी 75 जिलों में शिविर लगाकर दिव्यांगजन को सुविधा के लिए 37 करोड़ रुपए की व्यवस्था

लोकनिर्माण विभाग के लिए

- ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 2 हजार 305 करोड़ रुपए, राज्य सड़क निधि हेतु 1 हजार 500 करोड़
- मार्गों की मरम्मत करने के लिए 3 हजार 524 करोड़ रुपए
- विश्व बैंक की सहायता से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क परियोजना के लिए 830 करोड़ रुपए
- उत्तर प्रदेश मुख्य ज़िला विकास परियोजना के अंतर्गत मार्ग निर्माण के लिए 755 करोड़ रुपए
- पूर्वांचल निधि के लिए 300 करोड़ , बुंदेलखंड निधि के लिए 210 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- केंद्रीय मार्ग योजना के लिए 2 हज़ार 80 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- पुलों के निर्माण के लिए 2 हज़ार 529 करोड़ रुपए की व्यवस्था

आवास एवं नगर विकास विकास के लिए

- दिल्ली से मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का कार्य प्रगति में है, इसके लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लिए 358 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 286 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- गोरखपुर तथा अन्य शहरों के लिए मेट्रो रेल हेतु प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, जिसके लिए 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था
- राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की स्थापना हेतु 50 करोड़ की व्यवस्था 

रोजगार के लिए युवाओं को ट्रेनिंग के साथ मिलेगा भत्ता
यूपी में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और युवा उद्यमिता विकास अभियान योजना को शुरू करने का फैसला किया गया है। इसमें युवाओं को बिजनेस में ट्रेनिंग के साथ-साथ मासिक प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा। कुल भत्ते में 1500 रुपए प्रतिमाह की धनराशि केंद्र सरकार द्वारा, एक हजार रुपए प्रतिमाह राज्य सरकार द्वारा और शेष राशि संबंधित उद्योग द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के संचालन से प्रदेश के उद्योगों को कुशल कारीगर व युवाओं को ट्रेनिंग के साथ-साथ रोजगार मिलेगा। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

हर जिले में बनेंगे युवा हब 
हर जिले में युवा हब बनेगा, जो युवाओं को परियोजना, परिकल्पना से लेकर एक साल तक परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता प्रदान करेगा। एक हजार 200 करोड़ रुपए की धनराशि, जो युवाओं के लिए विभिन्न रोजगार में खर्च होनी है, इसी युवा हब के माध्यम से की जाएगी। इस योजना से एक लाख युवाओं को स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य है। हर जिले में युवा हब की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। लघु उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग आदि क्षेत्रों में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार व ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजना संचालित है।

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