लखनऊ(Uttar Pradesh). उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्राइमरी स्कूलों की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की मांग पर 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में 37,339 पदों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा होल्ड करने के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा विचार करने के लिए यूपी सरकार ने अर्जी दाखिल की है। 

यूपी सरकार ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट 69000 पदों की भर्ती करने की इजाजत दे। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में यूपी सरकार से 40/45 के कटऑफ पर कितने शिक्षामित्र पास हुए हैं? इसका डाटा मांगा था। शिक्षामित्रों का कहना है कि लिखित परीक्षा में टोटल 45357 शिक्षामित्रों ने फॉर्म डाला था, जिसमें से 8018 शिक्षामित्र 60-65% के साथ पास हुए। लेकिन इसका कोई डेटा नहीं है कि कितने शिक्षामित्र 40-45 के कटऑफ पर पास हुए? इसीलिए 69000 पदों में से 37339 पद रिजर्व करके सहायक शिक्षक भर्ती की जाए या फिर पूरी भर्ती प्रक्रिया पर स्टे किया जाए। 

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये आदेश 
यूपी के प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पद के लिए हुई 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में बीते 9 जून को शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को 37,339 पदों को होल्ड करने का निर्देश दिया था। जबकि इसके पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया था। हाईकोर्ट के कट ऑफ मार्क्स को लेकर दिए गए फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। 

सरकार ने कहा नहीं सुना गया है हमारा पक्ष 
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा था कि कोर्ट ने सरकार के पक्ष को बिना सुने यह आदेश दिया है। सरकार मामले में विधिक सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।