रिसर्च के अनुसार, शरीर की सही स्थिति से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना कम होती है।
पीठ के बल सोने से एयरपाथ में रुकावट आ सकती है, जिससे खर्राटे, नींद में सांस रुकने (स्लीप एपनिया) और नींद की गुणवत्ता में कमी हो सकती है।
बाईं या दाईं ओर सोने से नाक के रास्ते साफ रहते हैं, जिससे श्वसन तंत्र में कोई रुकावट नहीं आती और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।
सोने के दौरान तकियों का सही उपयोग करें ताकि आपकी रीढ़ और गर्दन को सही समर्थन मिल सके। यह शरीर के अलाइनमेंट को बनाए रखता है और नींद में सुधार करता है।
बाईं या दाईं ओर सोने से शरीर में तनाव कम होता है, जिससे आप अधिक आराम महसूस करते हैं और गहरी नींद में जाते हैं।
पीठ के बल सोने से रीढ़ पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे पीठ दर्द हो सकता है। बाईं या दाईं ओर सोने से रीढ़ की हड्डी पर कम दबाव पड़ता है।