National

क्या आप जानते हैं नालंदा का मतलब, किन विद्वानों ने की यहां से पढ़ाई?

Image credits: Instagram

नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के राजगीर में ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University) के नए कैंपस का उद्घाटन किया। करीब 17 देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Image credits: Instagram

2010 में नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस बनी

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की तरह की बिहार के राजगीर में नई नालंदा यूनिवर्सिटी बनाई गई है। 25 नवंबर, 2010 को इसे स्थापित किया गया था।

Image credits: Instagram

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की खासियत

नालंदा विश्वविद्यालय स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है। विश्वविद्यालय में 300 कमरे 7 बड़े कक्ष थे। अध्ययन के लिए 9 मंजिला विशाल लाइब्रेरी भी थी, जिसमें 3 लाख से ज्यादा किताबें थीं।

Image credits: Instagram

दुनिया का दूसरा सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय

तक्षशिला के बाद नालंदा दुनिया का दूसरा सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय माना जाता है। वहीं, आवासीय परिसर के तौर पर यह पहला विश्वविद्यालय है। 800 साल तक यह अस्तित्व में रहा था।

Image credits: Instagram

नालंदा विश्वविद्यालय में कितने छात्र

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में एक समय में 10,000 से ज्यादा छात्र पढ़ते थे। उन्हें 2,700 से ज्यादा शिक्षक पढ़ाते थे। भारत के अलावा चीन, जापान जैसे कई देशों के छात्र पढ़ते थे।

Image credits: Instagram

नालंदा विश्वविद्यालय कब और किसने बनवाया

नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना 5वीं शताब्दी में गुप्त वंश के सम्राट कुमारगुप्त ने की। महान हर्षवर्द्धन और पाल शासकों का संरक्षण भी प्राप्त रहा। खुदाई में कई मुद्राएं साक्ष्य हैं

Image credits: Instagram

नालंदा विश्वविद्यालय की खोज किसने की

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास चीन के हेनसांग और इत्सिंग ने खोजा था। 7वीं शताब्दी में दोनों भारत आए और यहां से चीन लौटकर नालंदा के बारें में विस्तार से लिखा था।

Image credits: Instagram

नालंदा का मतलब क्या है

नालंदा शब्द संस्कृत के तीन शब्दों ना +आलम +दा के संधि-विच्छेद से मिलकर बना है। जिसका मतलब 'ज्ञान रूपी उपहार पर कोई प्रतिबंध न रखना' है।

Image credits: Instagram

नालंदा विश्वविद्यालय में किन विद्वानों ने की पढ़ाई

इतिहास के मुताबिक, नालंदा विश्वविद्यालय में कई महान विद्वानों ने पढ़ाई की। जिसमें हर्षवर्धन, धर्मपाल, वसुबंधु, धर्मकीर्ति और नागार्जुन का नाम प्रमुख रुप से शामिल है।

Image credits: Instagram