राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को आश्रम से ब्रोन डेड हालत में अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निधन के बाद इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट सामने आई—“जीते जी नहीं, जाने के बाद मिलेगा न्याय”, जिसने मामले को और रहस्यमयी बना दिया।
पश्चिमी राजस्थान में कथा वाचन के लिए प्रसिद्ध प्रेम बाईसा, महंत वीरमनाथ की शिष्या और पुत्री थीं, जिनके प्रवचनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते थे।
जुलाई 2025 में एक पुराना वीडियो वायरल हुआ, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया। साध्वी ने साफ किया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति उनके पिता थे।
साध्वी ने आरोप लगाया था कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये मांगे गए, मना करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया।
वायरल वीडियो, आलोचना और सामाजिक दबाव के कारण मानसिक तनाव बढ़ने की बात कही जा रही है, हालांकि मौत की असली वजह अब भी साफ नहीं है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल फोरेंसिक से साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सच सामने आने की उम्मीद है।
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