ककनमठ मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि इसे एक ही रात में भूतों ने बनाया था। सुबह होते ही निर्माण अधूरा रह गया, जिससे यह मंदिर और भी रहस्यमय बन गया।
ककनमठ मंदिर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया कस्बे में स्थित है। यह मंदिर न केवल अपने निर्माण की शैली बल्कि इससे जुड़ी रहस्यमयी कहानियों के लिए भी मशहूर है।
ककनमठ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी अनोखी बनावट श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास प्रेमियों को भी आकर्षित करती है।
ककनमठ मंदिर का निर्माण बिना सीमेंट और चूने के किया गया है। विशाल पत्थर एक के ऊपर एक रखे गए हैं और ये पत्थर आसपास के क्षेत्रों में नहीं पाए जाते।
कहा जाता है कि ककनमठ मंदिर का निर्माण कछवाहा वंश के राजा कीर्ति सिंह ने अपनी पत्नी काकनवती के लिए करवाया था, जो भगवान शिव की प्रबल भक्त थीं।
आज ककनमठ मंदिर खंडहर में बदल चुका है। टूटे हुए अवशेष ग्वालियर म्यूजियम में रखे गए हैं, लेकिन इसकी भव्यता और सुंदरता आज भी लोगों को आकर्षित करती है।
ककनमठ मंदिर हजारों सालों से तूफानों और भूकंपों का सामना कर चुका है, लेकिन फिर भी अपनी जगह मजबूती से खड़ा है।
वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि इतने भारी पत्थरों को वहां तक कैसे लाया गया और मंदिर कैसे बनाया गया, लेकिन यह रहस्य आज भी अनसुलझा है।
ककनमठ मंदिर मध्य प्रदेश की अनमोल धरोहर है। अगर आपको इतिहास, वास्तुकला और रहस्यमयी कहानियों में दिलचस्पी है, तो यह मंदिर जरूर देखने लायक है।