हिंदू धर्म में पूजा के दौरान या किसी नए काम की शुरूआत करते समय दीपक जलाने की परंपरा है। इस परंपरा के पीछे कईं कारण छिपे हैं। दीपक जलाते समय खास मंत्र भी बोला जाता है।
हिंदू धर्म में दीपक को सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसलिए नया काम शुरू करने से पहले या पूजा करते समय इसे जलाया जाता है ताकि इससे शुभ फल मिल सकें।
शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्,
शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते
इस मंत्र का अर्थ है कि- शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाले दीपक की ज्योति को मेरा नमस्कार है।
पूजा-पाठ की शुरूआत दीपक जलाने से ही होती है। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं। दीपक जलाए बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
घर में अलग-अलग स्थानों पर दीपक लगाने से वास्तु दोष व अन्य कईं तरह के दोषों का निवारण होता है जैसे पीने के पानी रखने की जगह दीपक जलाने से पितृ दोष दूर होता है।