परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने अमेरिका से किसी भी तरह की सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए हाल ही में वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई को एक चिट्टी लिखी थी।
इस चिट्ठी के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को ठेंगा दिखाते हुए उसके साथ सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा- हमने दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत को खारिज कर दिया है, लेकिन अप्रत्यक्ष वार्ता का रास्ता अब भी खुला हुआ है।
खबर है कि ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वो अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर वॉशिंगटन के साथ समझौते पर राजी नहीं हुआ तो बमबारी के साथ ही टैरिफ लगाए जाएंगे।
पश्चिमी देशों का दावा है कि ईरान चोरी-छुपे परमाणु हथियार बना रहा है। वहीं, तेहरान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह से शांतिपूर्ण मकसद के लिए है।
ट्रंप ने पिछले कार्यकाल के दौरान ईरान और विश्व शक्तियों के बीच 2015 के परमाणु समझौते से हाथ खींच लिए थे। बाद में ईरान पर कई सेंक्शन लगाए, जिसके बाद ईरान इसमें और तेजी लाया।